ईरान से जल्द बाहर आएगा अमेरिकी सेना,ट्रंप की अंतरराष्ट्रीय रणनीति हुई फेल!
ईरान जंग में अमेरिका के सामने ना केवल डटकर खड़ा है बल्कि बराबर पलटवार भी कर रहा है. वो ट्रंप के उन मंसूबों पर पानी फेर रहा है, जिसमें अमेरिकी राष्ट्रपति को ये लगता था कि ईरान हथियार डाल देगा. इस वजह से सुपरपावर की ताकत और रणनीति दोनों सवालों के घेरे मे है. इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ही बैकफुट पर दिख रहे हैं. उन्होंने रॉयटर्स से बातचीत में कहा, संयुक्त राज्य अमेरिका बहुत जल्द ईरान से बाहर निकल जाएगा. यानी कि अमेरिकी सेना तुरंत ईरान से हट सकती है.राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बयान अमेरिका को संबोधित करने से कुछ घंटे पहले दिया है. बता दें कि ईरान से अमेरिका की जंग 5वें हफ्ते में प्रवेश कर चुकी है. इस जंग का सीधा असर अमेरिका के लोगों की जेब पर भी पड़ रहा है. पेट्रोल की कीमत बढ़ रही हैं. ट्रंप पर हालात सुधारने का दबाव बढ़ रहा है. ऐसे में ट्रंप ने आगे की रणनीति पर चर्चा करने के लिए देश को संबोधित करने का फैसला लिया है.ट्रंप के संबोधन में क्या-क्या होगा? इस बारे में भी उन्होंने बताया है.रॉयटर्स के साथ फोन पर बातचीत में ट्रंप ने कहा, उनके भाषण का एक हिस्सा नाटो के प्रति उनके गुस्से को लेकर भी होगा क्योंकि उनका मानना है कि नाटो ईरान में अमेरिकी उद्देश्यों के लिए समर्थन नहीं दे रहा है. इसलिए वो नाटो से अमेरिका को बाहर निकालने के प्रयास पर विचार कर रहे हैं.ट्रंप का कहना है, जब हमें उनकी (नाटो) जरूरत थी, तब वो हमारे साथ नहीं आए. हमने उनसे कभी कुछ नहीं मांगा… यह एकतरफा रिश्ता है. जब ट्रंप से पूछा गया कि अमेरिका ईरान युद्ध को कब समाप्त मानेगा तो उन्होंने कहा, मैं आपको ठीक-ठीक नहीं बता सकता पर हम बहुत जल्द इससे बाहर निकल जाएंगे.ट्रंप ने अमेरिकी हमले ने यह सुनिश्चित कर दिया है कि ईरान के पास परमाणु हथियार नहीं होंगे क्योंकि वो अभी इसके काबिल नहीं हैं.

हवाई हमलों में सुप्रीम लीडर अली खामेनेई की मौत के बाद ट्रंप ने ईरान के नए नेताओं के साथ समझौते की उम्मीद भी जताई थी. उन्होंने कहा, पूरी तरह से सत्ता परिवर्तन हो चुका है. मुझे पूरा विश्वास है कि हम समझौता कर लेंगे क्योंकि वो अब और आलोचना नहीं सहना चाहते।ईरान ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस दावे को झूठ करार दिया है जिसमें उन्होंने कहा था कि तेहरान ने सीजफायर की अपील की है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान के विदेश मंत्रालय ने अमेरिकी राष्ट्रपति के दावे को पूरी तरह से झूठा और बेबुनियाद करार दिया है। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बगाई ने बुधवार को कहा कि ट्रंप के बयान में कोई सच्चाई नहीं है। बता दें कि ट्रंप ने इससे पहले कहा था कि ईरान की तरफ से सीजफायर की मांग की गई है।ईरान के अर्धसैनिक संगठन रिवॉल्यूशनरी गार्ड ने भी बयान जारी करते हुए कहा कि हॉर्मुज जलसंधि ‘पूरी तरह से और निर्णायक रूप से हमारे नियंत्रण में है। इस जलसंधि को अमेरिका या किसी भी अन्य दुश्मन देश के लिए नहीं खोला जाएगा।’ रिवॉल्यूशनरी गार्ड ने ट्रंप के बयान को हास्यास्पद बताया। बता दें कि ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर लिखा था कि ईरान ने अमेरिका से सीजफायर की मांग की है। ट्रंप ने दावा किया कि ईरान की इस मांग पर उन्होंने साफ-साफ कह दिया कि इसके लिए पहले ‘स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज’ खोलना होगा।ट्रंप ने कहा, ‘हमने उनसे कहा कि अगर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज नहीं खुला, तो अमेरिका ईरान पर बमबारी करता रहेगा। वहीं, ईरानी संसद की राष्ट्रीय सुरक्षा समिति के प्रमुख इब्राहिम अजीजी ने कहा कि हॉर्मुज जलसंधि उन देशों के लिए बंद रहेगी जो नए नियमों का पालन नहीं करेंगे। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरगची ने भी अमेरिकी सरकार के साथ किसी भी कूटनीतिक समझौते की संभावना को खारिज करते हुए कहा कि दोनों देशों के बीच ‘शून्य भरोसा’ है। उन्होंने कहा, ‘अमेरिका की बातों में ईमानदारी नहीं होती है और उनके साथ बातचीत का अनुभव कभी भी अच्छा नहीं रहा।’
