गरज और चमक के साथ होगी बारिश,इन राज्यों में फिर से करवटें लेगी मौसम
अगर आपको लग रहा है कि मार्च में बारिश का दौर खत्म हो गया है तो आपकी ये गलतफहमी जल्द दूर होने वाली है. मौसम विभाग के अनुसार,तीन और सक्रिय पश्चिम विक्षोभ की वजह से उत्तर पश्चिम भारत में हल्की से भारी बारिश के अलावा आंधी और तेज हवाओं का दौर फिर चलने वाला है।बिहार और झारखंड में भी पश्चिम विक्षोभ सक्रिय रहने वाला है. इन राज्यों में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है. साथ ही 30 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं.बिहार के कई जिलों में बिजली गिरने का खतरा भी जताया गया है, इसलिए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है.

वहीं झारखंड में 27 और 28 मार्च को बारिश के साथ आंधी चल सकती है, जिससे तापमान में गिरावट आएगी.पंजाब-हरियाणा, दिल्ली और चंडीगढ़ में 26 मार्च को, राजस्थान में 28 मार्च को बारिश होने का अनुमान है. इस दौरान 30 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं भी चलेंगी और गरज चमक के साथ बारिश होगी. हिमालय क्षेत्र में उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश में 29 मार्च को हल्की से तेज बारिश देखने को मिलेगी. 29 मार्च को एक बार फिर दिल्ली, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, चंडीगढ़ से पंजाब तक हल्की से मध्यम बारिश होने के आसार हैं. गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की चेतावनी भी जारी की गई है.दिल्ली में 24 मार्च से मौसम लगातार बादल छाये रहने की संभावना है. हालांकि अधिकतम तापमान 31 से 33 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है. जबकि न्यूनतम तापमान 16 से 18 डिग्री रहने के आसार हैं. जबकि पश्चिम विक्षोभ के कारण 26 मार्च को हल्की से मध्यम वर्षा दिल्ली के कई इलाकों में होगी. गरज-चमक के साथ बिजली गिरने का भी संकेत है. 27-28 मार्च को भी बादल छाए रहने के आसार हैं. जबकि 29 मार्च फिर से हल्की बारिश होने का अलर्ट है. बिजली गिरने के साथ तेज हवाएं चलने का भी अलर्ट है. पूर्वोत्तर क्षेत्र में अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय में 24, 27 और 28 मार्च 2026 को भारी बारिश होने के आसार हैं. कोंकण और केरल के कुछ इलाकों में भी मौसम में बदलाव के आसार हैं. बिहार में भी 26 और 27 मार्च को और ओडिशा और झारखंड में भी 27-28 मार्च को बारिश होने का अनुमान है. पश्चिम बंगाल में 24 मार्च तेज बारिश के साथ ओले गिरने की चेतावनी है. पूर्वी भारत की बात करें तो 23 से 27 मार्च के दौरान पश्चिम बंगाल से लेकर सिक्किम तक बारिश होने का अलर्ट है. साथ ही 30 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे हवाएं चलने का अनुमान है।मौसम में इस बड़े बदलाव की मुख्य वजह एक के बाद एक आ रहे पश्चिमी विक्षोभ हैं. 26 मार्च से पहला और 28-29 मार्च से दूसरा पश्चिमी विक्षोभ उत्तर भारत को प्रभावित करेगा. इसके अलावा देश के अलग-अलग हिस्सों में बने ऊपरी वायुमंडलीय चक्रवात और ट्रफ लाइन भी मौसम को प्रभावित कर रहे हैं।इन सिस्टम्स के कारण न सिर्फ बारिश और बर्फबारी हो रही है, बल्कि तापमान में भी गिरावट आ रही है. यही वजह है कि मार्च के अंत तक और संभवतः अप्रैल के मध्य तक भी मौसम सामान्य या ठंडा बना रह सकता है.कुल मिलाकर देशभर में मौसम का मिजाज बदला हुआ है. उत्तर भारत में जहां गर्मी पर ब्रेक लगा है, वहीं पूर्वोत्तर और पूर्वी भारत में बारिश और आंधी का असर दिखेगा. दिल्ली, यूपी, उत्तराखंड, बिहार और झारखंड जैसे राज्यों में अगले कुछ दिन राहत भरे रहने वाले हैं. हालांकि कुछ जगहों पर आंधी, बिजली और तेज हवाओं के कारण सावधानी बरतने की जरूरत है. फिलहाल साफ है कि मार्च के अंत तक देश के बड़े हिस्से में मौसम सुहावना बना रहेगा और झुलसाने वाली गर्मी की वापसी अभी कुछ समय के लिए टल गई है।
