अल्पसंख्यक कल्याण विभाग में इतने पदों पर होगी नई बहाली,नीतीश सरकार में युवाओं के लिए खुला पिटारा!

 अल्पसंख्यक कल्याण विभाग में इतने पदों पर होगी नई बहाली,नीतीश सरकार में युवाओं के लिए खुला पिटारा!
Sharing Is Caring:

बिहार की नीतीश सरकार का पूरा फोकस रोजगार और नौकरी पर है. अलग-अलग विभागों में भर्तियों के लिए तैयारी जारी है. बहालियां निकल रही हैं. राज्य में अल्पसंख्यक समुदाय के कल्याण तथा सरकारी योजनाओं का इन तक समुचित लाभ पहुंचाने के लिए प्रत्येक प्रखंड में एक-एक प्रखंड कल्याण पदाधिकारी की तैनाती के लिए भी प्रक्रिया शुरू हो गई है. इस वर्ष सभी प्रखंडों में इन पदाधिकारियों की तैनाती कर दी जाएगी। यह जानकारी अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के मंत्री जमा खान ने दी. वे पटना स्थित सूचना भवन के सभागार में मीडिया से बात कर रहे थे.उन्होंने कहा कि इसके अतिरिक्त अल्पसंख्यक कल्याण विभाग में अलग-अलग 1076 पदों पर नई बहाली होने जा रही है. बहाली की प्रक्रिया पूरी करने के लिए इससे संबंधित अधियाचना पद के अनुसार बीपीएससी और बिहार कर्मचारी चयन आयोग को भेज दी गई है.बताया गया कि जिला अल्पसंख्यक कल्याण पदाधिकारी के 6, प्रखंड अल्पसंख्यक कल्याण पदाधिकारी के 487, निम्नवर्गीय लिपिक (मुख्यालय या निदेशालय-सचिवालय लिपिकीय सेवा) के 8, निम्नवर्गीय लिपिक (क्षेत्रीय लिपिकीय सेवा संवर्ग) के 14, निम्नवर्गीय लिपिक (बिहार समाहरणालय लिपिकीय सेवा संवर्ग) के 524 और छात्रावास प्रबंधक के 37 पदों पर भर्ती होनी है.दूसरी ओर जमा खान ने कहा कि कक्षा 9वीं से 12वीं तक के 22 अल्पसंख्यक आवासीय विद्यालय का निर्माण अलग-अलग स्थानों पर कराया जा रहा है. वर्तमान में दो दरभंगा और किशनगंज में ये स्कूल चल रहे हैं और अप्रैल तक पांच स्थानों कटिहार, जमुई, कैमूर, नालंदा और मुजफ्फरपुर में ये स्कूल तैयार हो जाएंगे. इसके बाद इन स्कूलों की संख्या 7 हो जाएगी. तेलंगाना के बाद बिहार ही एकमात्र राज्य है, जहां अल्पसंख्यक आवासीय कल्याण छात्रावास का निर्माण कराया जा रहा है. प्रत्येक जिले में इस तरह के अल्पसंख्यक आवासीय कल्याण विद्यालय बनाने की योजना है.मंत्री ने कहा कि राज्य के 75 मदरसों में स्मार्ट क्लास शुरू हो गए हैं. जल्द ही सभी मदरसों में यह सुविधा शुरू हो जाएगी. मदरसों में छात्र-छात्राओं को रोजगार के लिए व्यवसायिक अध्ययन के लिए व्यवासायिक पाठ्यक्रमों के संचालन के लिए बिहार राज्य मदरसा शिक्षा बोर्ड से अनुदानित 9 मदरसों और मौलाना मजहरूल हक अरबी एवं फारसी विश्वविद्यालय में एक यानी कुल 10 सेंटर स्थापित किए जा रहे हैं. इनमें 5 तकनीकी कोर्स काम कर रहे हैं.उन्होंने कहा कि तलाकशुदा महिलाओं को 25 हजार रुपये देने की योजना चल रही है. 9 हजार से अधिक कब्रिस्तानों की घेराबंदी कर दी गई है. उन्होंने केंद्रीय मंत्री किरण रिजिजू की तारीफ करते हुए कहा कि बिहार में अल्पसंख्यकों के लिए बेहतरीन कार्य किए जा रहे हैं।

राज्य में वक्फ बोर्ड की जमीन को चिन्हित किया जा रहा है और इन्हें अतिक्रमण मुक्त किया जाएगा।वहीं दूसरी तरफ शिक्षा मंत्री सुनील कुमार ने कक्षा 1 से 12 तक छात्रवृत्ति राशि दोगुनी करने का दावा किया है. उन्होंने कहा कि 1 करोड़ 6 लाख से अधिक छात्र-छात्राओं को DBT के माध्यम से राशि दी गई है. साइकिल और पोशाक योजना को भी बड़ी सफलता बताया गया, जिसका मॉडल अन्य देशों में भी अपनाए जाने का दावा किया गया.शिक्षा मंत्री सुनील कुमार ने कहा कि शिक्षा ही वह माध्यम है, जिससे समाज का आर्थिक, सामाजिक और राजनीतिक विकास संभव है, और राज्य सरकार इसी दिशा में लगातार काम कर रही है. मंत्री ने बताया कि राज्य में शिक्षा के बुनियादी ढांचे में पहले काफी कमी थी, लेकिन अब स्थिति तेजी से बदली है. उन्होंने कहा कि बिहार का शिक्षा बजट अब कुल बजट का लगभग 20 प्रतिशत है, जो राष्ट्रीय औसत 14 प्रतिशत से अधिक है. वर्ष 2005 में जहां शिक्षा बजट करीब 2400 करोड़ रुपये था, वहीं अब इसमें कई गुना वृद्धि हो चुकी है.सरकार के मुताबिक TRE-1, TRE-2 और TRE-3 के तहत 2.60 लाख से अधिक शिक्षकों की सीधी बहाली की गई है, जबकि TRE-4 के तहत 45 हजार और शिक्षकों की नियुक्ति की प्रक्रिया जारी है. मंत्री ने कहा कि राज्य में शिक्षा में नई तकनीकों का इस्तेमाल बढ़ाया जा रहा है और आने वाला समय आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का होगा. इसके लिए नैस्कॉम के साथ एमओयू भी किया गया है, ताकि शिक्षा की गुणवत्ता बेहतर हो सके. इंजीनियरिंग कॉलेजों में मुफ्त शिक्षा की पहल से छात्रों को स्किल्ड बनाने का लक्ष्य रखा गया है।

Comments
Sharing Is Caring:

Related post