स्वदेशी के जरिए मजबूत होगी देश की अर्थव्यवस्था,महिलाओं को बनाया गया सशक्त-पटना में बोले शिवराज सिंह चौहान
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 12 साल का कार्यकाल पूरा कर लिया है. इस मौके पर कई कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है. बुधवार को राजधानी पटना में केंद्रीय कृषि और किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रबुद्ध जनों के साथ बैठक की. इस दौरान उन्होंने विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए कार्यकर्ताओं को शपथ भी दिलाई.केंद्रीय मंत्री ने कहा कि हमारी सरकार ने महिलाओं को सशक्त किया है और आज हर घर में नल का जल है. उन्होंने कहा कि गांव का भी पूर्ण रूप से विद्युतीकरण किया जा चुका है. विकसित भारत के साथ-साथ समृद्ध बिहार को लेकर भी हमारी सरकार लगातार काम कर रही है.

शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि आज देश सशक्त हो रहा है और 2045 में विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए हम लोग पूरी ताकत से कम कर रहे हैं. केंद्रीय मंत्री ने कहा कि हर साल किसी न किसी राज्य में चुनाव होते हैं और सरकार का खर्च भी होता है. ऐसे में जरूरत इस बात की है कि वन नेशन वन इलेक्शन को हम जल्द आत्मसात करें.उन्होंने कहा कि अगर 5 साल में एक बार चुनाव होंगे तो साढ़े चार साल तक केंद्र और राज्यों में विकास के कार्य होंगे. शिवराज सिंह चौहान ने ‘वन नेशन वन इलेक्शन’ के लिए वहां मौजूद कार्यकर्ताओं से हाथ उठाकर समर्थन भी मांगा.प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में आज देश में विकास की गंगा बह रही है. हर साल कहीं न कहीं होने वाले चुनावों के कारण खर्च तो बढ़ता ही है, विकास कार्य भी बाधित होते हैं. ऐसे में जरूरी है कि वन नेशन वन इलेक्शन को हम जल्द आत्मसात करें. इससे विकास कार्यों में तेजी आएगी.”- शिवराज सिंह चौहान, केंद्रीय मंत्री, कृषि और किसान कल्याण मंत्रीशिवराज सिंह चौहान ने कहा कि देश इन दोनों कठिन दौर से गुजर रहा है. लिहाजा सबको मिलकर स्थितियों से लड़ना होगा. विदेशी सामानों पर हमें कम से कम निर्भरता रखती है और ज्यादा से ज्यादा स्वदेशी को अपनाना है. स्वदेशी की बदौलत ही हम देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत बना सकते हैं.केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सरकार तो काम कर रही है लेकिन हमारा भी कर्तव्य है कि हमें देश के लिए मेहनत करना है. देश का हर नागरिक अगर ईमानदारी से मेहनत करेगा तो देश को तरक्की करने से कोई नहीं रोक सकता है. हर नागरिक को अपने कर्तव्यों के प्रति संवेदनशील होना पड़ेगा.
