ईरान और अमेरिका के बीच जारी रहेगी जंग!21 घंटे चली बातचीत में नहीं हुआ समझौता

 ईरान और अमेरिका के बीच जारी रहेगी जंग!21 घंटे चली बातचीत में नहीं हुआ समझौता
Sharing Is Caring:

ईरान और अमेरिका के बीच शांति वार्ता सफल नहीं हो पाई है, जिस पर अमेरिकी उपराष्‍ट्रपति जेडी वेंस ने निराशा जताई है. जेडी वेंस ने कहा कि इस्‍लामाबाद में हुई बातचीत के दौरान हम किसी नतीजे पर नहीं पहुंच पाए हैं. ईरान हमारी कई शर्तों को मानने के लिए तैयार नहीं है. हम बिना किसी समझौते के अमेरिका वापस जा रहे हैं. ईरान और अमेरिका एक प्‍वाइंट पर नहीं पहुंच पाए हैं, जहां जंग का समाधान निकल सके. इस शांति वार्ता का सबसे बड़ा फोकस फिलहाल मिडिल ईस्‍ट के हालात सामान्‍य करना, लेबनान पर हो रहे इजरायल के हमलों को रोकना और होर्मुज स्‍ट्रेट से जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करना था, जिससे क्रूड ऑयल के आसमान छूती कीमतों पर लगाम लग सके.इस्‍लामाबाद में फेल हुई शांति वार्ता के बाद ईरान ने कहा, “अमेरिकी की ओर से बहुत ज्‍यादा डिमांड रखी गई थीं, जिन्‍हें हम किसी भी कीमत पर मानने को तैयार नहीं थे.” अमेरिकी उपराष्‍ट्रपति जेडी वेंस ने रविवार को प्रेस कॉन्‍फ्रेंस के दौरान कहा, “अब तक हम किसी नतीजे पर नहीं पहुंचे हैं. हमारे बीच कई मुद्दों पर असहमति है. यह बुरी खरब है कि उन्‍होंने हमारी शर्तें नहीं मानी हैं.” जेडी वेंस ने कहा कि ईरान के साथ पहले दिन हमारी बातचीत अच्‍छी रही. हमने ईरान को बेस्‍ट ऑफर दिया था, लेकिन वो मानने को तैयार नहीं हैं. इसलिए हम किसी समाधान तक नहीं पहुंच पाए हैं. हम किसी हल निकले बिना अमेरिका वापस जा रहे हैं. अमेरिका और ईरान के बीच शनिवार को लगभग 21 घंटे बातचीत हुई. अमेरिका की तरफ से उपराष्‍ट्रपति जेडी वेंस वार्ता की अगुवाई की. वहीं, ईरान की तरफ से विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची और संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर गालिबफ बातचीत में शामिल हुए. पाकिस्तान की तरफ से प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और सेना प्रमुख असीम मुनीर बैठक में मौजूद रहे. मीडिया रिपोर्ट्स की मानें, तो ईरान और अमेरिका की बातचीत के फेल होने का कारण होर्मुज स्‍ट्रेट है. ईरान यहां पूरी तरह से अपना कब्‍जा चाहता है. लेकिन अमेरिका ने साफ कह दिया है कि ये इंटरनेशनल रास्‍ता है. ईरान और अमेरिका दोनों स्‍ट्रेट ऑफ होर्मुज का महत्‍व जानते हैं.

1000041386

स्‍ट्रेट ऑफ होर्मुज का मुद्दा अब भी पेचीदा बना हुआ है. इस बातचीत के बीच अमेरिकी युद्धपोत भी होर्मुज स्‍ट्रेट पार कर गए हैं. इससे अमेरिका ने स्‍ट्रेट ऑफ होर्मुज के आसपास घेराबंदी कर दी है. ऐसे में बातचीत का फेल होना ईरान के लिए बुरी खबर है. ईरान बीते 40 दिन चली लड़ाई के दौरान काफी टूट चुका है. हालांकि, ईरान की पर्दे के पीछे से चीन और रूस की मदद करने की खबरे भी समने आ रही हैं. लेकिन अमेरिका ने साफ कर दिया है कि वह जंग लड़ने के लिए तैयार है. जेडी वेंस ने कहा, “सीधी बात यह है कि हम ये देखना चाहते थे कि वे परमाणु हथियार हासिल करने की कोशिश नहीं करेंगे और नही वे ऐसे उपकरण हासिल करने की कोशिश करेंगे जो उन्हें जल्दी से परमाणु हथियार हासिल करने में सक्षम बना सकें. लेकिन वे ऐसा करने के लिए तैयार नहीं हैं.” अमेरिका और ईरान की बातचीत शुरुआत में गरमा-गर्मी से शुरू हुई. ईरान से साफ-साफ कह दिया कि होर्मुज से गुजरने वाले अमेरिकी जहाज अब भी उसके टारगेट पर हैं. साथ ही ईरान ने अपने फ्रीज एसेट्स (जिसमें 6 अरब डॉलर भी शामिल है) को खोलने की मांग दोहराई. दूसरी ओर अमेरिका ने कहा कि होर्मुज एक अंतरराष्ट्रीय रास्ता है, जिसे कोई भी देश रोक नहीं सकता है. जेडी वेंस ने कहा कि अमेरिका इस रास्ते को खुला रखने के लिए हर जरूरी कदम उठाने के लिए तैयार है. पाकिस्तान ने उम्मीद जताई है कि शांति वार्ता का कोई हल जरूर निकलेगा, जिससे मिडिल ईस्‍ट में माहौल सुधरेगा.

Comments
Sharing Is Caring:

Related post