कनाडा सरकार ने लिया अहम फैसला,बिश्नोई गैंग को लेकर सुना दिया बड़ा निर्णय

 कनाडा सरकार ने लिया अहम फैसला,बिश्नोई गैंग को लेकर सुना दिया बड़ा निर्णय
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कनाडा की सरकार ने गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई गैंग के खिलाफ कड़ा एक्शन लिया है। कनाडा सरकार ने बिश्नोई गैंग को एक आतंकवादी संगठन घोषित कर दिया है। बिश्नोई गैंग पर कनाडा में खास समुदाय को निशाना बनाकर, डर और धमकी का माहौल बनाने का आरोप है। इसे देखते हुए कनाडा की पब्लिक सेफ्टी मिनिस्ट्री की तरफ से जारी बयान में कहा गया कि बिश्नोई गैंग एक इंटरनेशनल टेरेरिस्ट गैंग है जो हिंसा दहशतगर्दी और डराने धमकाने का काम करता है। ऐसे में बिश्नोई गैंग को आतंकी संगठन घोषित करने के बाद कनाडा की सरकार को उसके खिलाफ और कड़ी कार्रवाई करने की छूट मिलेगी।जानकारी के मुताबिक, बिश्नोई गैंग पर ये कार्रवाई कनाडा की आपराधिक संहिता के तहत की गई है यानि अब बिश्नोई गैंग की संपत्ति जब्त करने के साथ-साथ बैंक खाते फ्रीज किए जा सकेंगे। दरअसल, बिश्नोई गैंग ने कनाडा में हुए कई हमलों की जिम्मेदारी ली है।

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बीते दिनों कॉमेडियन कपिल शर्मा के कैफे पर गोलीबारी भी बिश्नोई गैंग ने ही करवाई थी। इसके साथ-साथ अब बिश्नोई गैंग की मदद करना भी अपराध होगा और जो मदद करता पाया गया उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।आइए जानते है आखिर कौन है ये लॉरेंस बिश्नोई, जो सलाखों के पीछे है लेकिन जेल में रहकर भी वो अपने आपराधिक गतिविधियों को अंजाम देते रहता है। समय-समय पर लॉरेंस बिश्नोई के गैंग के द्वारा हत्या और वसूली की खबरें आती रहती हैं।जेल में बंद 32 वर्षीय गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई ने 2010 में पंजाब यूनिवर्सिटी में छात्र रहते हुए अपराध की दुनिया में कदम रखा था। उसने यूनिवर्सिटी में छात्रसंघ चुनाव के दौरान एक प्रतिद्वंद्वी उम्मीदवार पर गोलीबारी की थी, जिसके लिए उसे तीन महीने जेल में बिताने पड़े थे। वह गैंगस्टर-आतंकवादी नेटवर्क गठजोड़ का हिस्सा है और NIA ने कई चर्चित मामलों में उसे नामजद किया है।पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, एक किसान का बेटा बिश्नोई पंजाब के फाजिल्का जिले का मूल निवासी है और उसने चंडीगढ़ से कानून की डिग्री हासिल की है। पंजाब में उसके पास कथित तौर पर लगभग 100 एकड़ जमीन है। उसके दाहिने हाथ पर भगवान हनुमान का टैटू बना हुआ है और वह अपनी ड्राइविंग व निशानेबाजी के कौशल के लिए जाना जाता है।जैसे हर पिता का सपना होता है कि उसका बेटा उनसे भी बड़ा आदमी बने, समाज में अच्छी पहचान बनाए। ऐसे ही लॉरेंस बिश्नोई के पिता ने भी अपने बेटे को बड़ा आदमी बनाने का सपना देखा था। लॉरेंस के पिता उसे आईपीएस बनाना चाहते थे, उन्होंने उसे वकालत भी कराई। लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था, बेटा उनकी उम्मीदों पर खरा नहीं उतरा और पिता की आंखों के सामने ही वो सपना चूर-चूर हो गया। लॉरेंस बिश्नोई एक दशक से भी ज्यादा समय से हिरासत में है। वह पिछले कई सालों से जहां भी रहा है, वहां की जेलों से अपने आतंकवाद-अपराध सिंडिकेट का संचालन करता रहा है। लॉरेंस बिश्नोई उर्फ बलकरन बराड़ 1998 में सिर्फ पांच साल का था जब राजस्थान में फिल्म “हम साथ-साथ हैं” की शूटिंग के दौरान बॉलीवुड अभियान सलमान खान से जुड़ा कुख्यात काला हिरण शिकार प्रकरण हुआ था। इस प्रकरण के बाद बिश्नोई समुदाय नाराज हो गया था, जो इस काला हिरण को पूजनीय मानता है।पुलिस के अनुसार, गैंगस्टर की सलमान से दुश्मनी पहली बार 2018 में सार्वजनिक हुई थी, जब जोधपुर में एक अदालत में पेशी के दौरान बिश्नोई ने कहा था, “हम सलमान खान को मार देंगे। जब हम ऐसा करेंगे तो सबको पता चल जाएगा। मैंने अभी तक कुछ नहीं किया है, वे मुझ पर बेवजह अपराध का आरोप लगा रहे हैं।” तब से, एक्टर को कई बार जान से मारने की धमकियां मिल चुकी हैं।जेल में बंद होने के बावजूद, लॉरेंस कई चर्चित लोगों की हत्याओं को अंजाम देने में कामयाब रहा है, जिसमें 2022 में पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला, 2023 में करणी सेना प्रमुख सुखदेव सिंह गोगामेड़ी शामिल हैं। इसके अलावा उसने कनाडा में गायक ए पी ढिल्लों और जिप्पी ग्रेवाल के घरों के बाहर गोलीबारी की भी साजिश रची थी। लॉरेंस बिश्नोई गिरोह कथित तौर पर बीकेआई के एक सदस्य हरविंदर सिंह उर्फ रिंदा के निर्देश पर मई 2023 में मोहाली स्थित पंजाब राज्य खुफिया मुख्यालय पर ‘रॉकेट-प्रोपेल्ड ग्रेनेड’ हमला करने के लिए भी जिम्मेदार था। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार कुछ ही वर्षों में बिश्नोई सबसे खूंखार गैंगस्टरों में से एक बन गया। फिलहाल वह गुजरात की एक जेल में बंद है।

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