भाजपा खेलने जा रही है बड़ी दांव,मुख्यमंत्री के लिए अपनाएगी ये नीति!

 भाजपा खेलने जा रही है बड़ी दांव,मुख्यमंत्री के लिए अपनाएगी ये नीति!
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बिहार में खरमास के बाद नई सरकार का गठन तय माना जा रहा है. नीतीश कुमार के बाद प्रदेश के अगले मुख्यमंत्री में डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी का नाम टॉप लिस्ट पर चर्चा में है. उनके साथ कई और नाम ऐसे हैं बीजेपी से जिनकी चर्चा मीडिया रिपोर्ट्स में हो रही है. इस बीच पूर्व सांसद आनंद मोहन ने ऐसा बयान दिया है कि इन सभी चर्चित नामों को बड़ा झटका लगने वाला है. आनंद मोहन ने बताया है कि बीजेपी कैसे मुख्यमंत्री का चयन करेगी. आनंद मोहन मुजफ्फरपुर पहुंचे थे. यहां मीडिया ने उनसे सवाल किया कि अगला मुख्यमंत्री आप किसे देखना चाहते हैं. इस पर उन्होंने कहा, “हमारे-आपके देखने से क्या होगा. बीजेपी में पर्ची निकलती है. सभी जानते हैं. किसके भाग्य से कौन पर्ची निकलती है, इसका इंतजार कीजिए.” आनंद मोहन ने कहा, “मुख्य बात है कि आपने क्या कहकर वोट मांगा? 2025 से 30 फिर से नीतीश, यही तो नारा था. अचानक कौन सी आफत आ गई? लोग तो चाहते हैं कि आपने वादा किया (2025 से 2030 तक का) तो इसको पूरा करना चाहिए.”आनंद मोहन कहा कि अगर ये दबाव में लिया गया फैसला है तो जिन लोगों ने ऐसा किया है इससे जेडीयू को नुकसान तो होगा ही सबसे बड़ा भविष्य में नुकसान बीजेपी को होगा. क्योंकि जो पिछड़ा, अतिपिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक वोट है ये बीजेपी का नहीं है. नीतीश कुमार के माध्यम से बीजेपी को मिलता रहा है. ऐसे में इसका नुकसान बीजेपी को हो सकता है. इस पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।वहीं केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने राष्ट्रीय जनता दल के नेता और बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव पर बड़ा जुबानी हमला बोला है. राजद नेता द्वारा केरलम् में चुनाव प्रचार के दौरान बिहार और राज्य सरकार को लेकर किए गए दावों पर खफा पासवान ने कहा कि तेजस्वी को शर्म आनी चाहिए.केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने कहा, ‘दूसरे राज्य में जाकर नेता प्रतिपक्ष(तेजस्वी यादव) चुनावी लाभ के लिए अपने ही गृह राज्य को बदनाम करने का काम कर रहे हैं. अगर दूसरे राज्य में जाकर उन्हें बताना पड़ रहा है कि बिहार सबसे गरीब राज्य है तो बिहार को गरीब बनाए रखने वाले की भूमिका में कौन लोग थे इसका जवाब भी देना चाहिए था.

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बताना चाहिए था कि इसके लिए उनकी पार्टी, उनका परिवार, RJD के 90 के दशक का शासनकाल जिम्मेदार है. इन लोगों को शर्म आनी चाहिए कि बिहार के बारे में ऐसी सोच दूसरे राज्यों में रखते हैं.’बता दें मंगलवार को पोन्नानी निर्वाचन क्षेत्र में मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के उम्मीदवार एम के साकीर के लिए प्रचार करने मलप्पुरम पहुंचे यादव ने लोगों के समर्थन के लिए आभार व्यक्त किया. उन्होंने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘मलप्पुरम के लोगों के प्यार, समर्थन, स्नेह और प्रेम के लिए मैं आभारी हूं।इसके साथ ही उन्होंने कहा, ‘मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के कद, अनुभव और वरिष्ठता तो मद्देनजर रखते हुए केंद्र सरकार और बिहार में जो नई सरकार शपथ लेगी दोनों सरकारों द्वारा नीतीश कुमार के मान-सम्मान के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा।बता दें कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार राज्यसभा के लिए निर्वाचित हुए हैं और उन्होंने पिछले महीने 30 मार्च को एमएलसी के पद से इस्तीफा दिया था. 10 अप्रैल को राज्यसभा के सदस्य के रूप में वे शपथ लेने वाले हैं. इससे साफ हो गया है कि वे सीएम पद छोड़ने वाले हैं. अब इस्तीफे के पहले ही जिस तरह से गृह विभाग ने सुरक्षा को लेकर पत्र जारी किया है इसको लेकर तेजस्वी यादव ने निशाना साधा है. उनकी इस प्रतिक्रिया पर सियासी बवाल मच सकता है. अब देखना होगा कि एनडीए के नेता इस पर क्या कुछ कहते हैं।

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