जानिए बिहार में कैसे बढ़ेगा आरक्षण का सीमा!नीतीश सरकार पर हावी हुआ विपक्ष
बिहार में सर्वे बताकर किए गए जातीय जनगणना को लेकर अब तब हंगामा मच ही रहा है। उसी आधार पर आरक्षण बढ़ाया गया था, जिसपर सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगा रखी है। लेकिन, सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन मुद्दे पर बुधवार को विधानसभा में लालू प्रसाद यादव की पार्टी राष्ट्रीय जनता दल ने एक बार फिर राज्य की नीतीश कुमार सरकार को घेर लिया। इतना ही नहीं, यह भी बता दिया कि बिहार में आरक्षण बढ़ाने के लिए उसे कैसे-क्या करना होगा? सदन में राजद विधायक रणविजय साहू ने राष्ट्रीय जनता दल और महागठबंधन को लेकर क्या कहा? आए जानते हैं…बिहार विधान सभा के बजट सत्र में बुधवार को राजद विधायक रणविजय साहू ने कहा कि महागठबंधन सरकार ने राज्य की 13.7 करोड़ आबादी की जाति आधारित गणना के आधार पर आरक्षण की सीमा बढ़ाकर 65 प्रतिशत कर दी थी।उन्होंने कहा कि तमिलनाडु में पिछले 35 वर्षों से आरक्षण की सीमा 69 प्रतिशत है और उस समय केंद्र सरकार ने इसे संविधान की नौवीं अनुसूची में शामिल कर संरक्षण प्रदान किया था। लेकिन बिहार में आरक्षण की सीमा बढ़ाने संबंधी कानून को न्यायिक बाधाओं का सामना करना पड़ रहा है, क्योंकि केंद्र सरकार ने इसे नौवीं अनुसूची का संरक्षण नहीं दिया।

रणविजय साहू ने मांग की कि सरकार पूर्व निर्धारित सभी कार्यक्रमों को स्थगित कर गरीबों और वंचितों के हितों की रक्षा के लिए एक सशक्त समिति का गठन करे। यह समिति तय समय-सीमा के भीतर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करे। रिपोर्ट के आधार पर सरकार नया विधेयक लाकर उसे पारित कराए। साथ ही, केंद्र सरकार पर दबाव बनाया जाए कि बिहार की बढ़ी हुई आरक्षण सीमा को भी नौवीं अनुसूची में शामिल किया जाए। विधानसभा अध्यक्ष द्वारा बैठने का निर्देश दिए जाने के बावजूद विपक्ष के विधायक वेल में पहुंच गए और नारेबाजी करने लगे। वह आरक्षण की सीमा बढ़ाने की मांग पर अड़े रहे, जिसके चलते सदन में कुछ देर तक हंगामा होता रहा।
