BJP की बजाय सीधे RSS से लड़ना होगा,RSS पर खरगे का अब तक का सबसे बड़ा हमला
कर्नाटक के IT मंत्री प्रियांक खरगे ने एक बार फिर RSS पर जमकर निशाना साधा है। उन्होंने आरएसएस की तुलना शैतान से की और बेजपी को शैतान की परछाई बताया है। रविवार को एक कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए प्रियांक खरगे ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS)की तुलना “शैतान” से की और BJP को इसकी “परछाई” बताया। साथ ही, उन्होंने संगठन पर फाइनेंशियल गड़बड़ियों का आरोप लगाया और इसके लीगल स्टेटस पर सवाल भी उठाए। खरगे ने कहा कि BJP अपनी सोच की ताकत RSS से लेती है और इसीलिए राजनीतिक विरोधियों को BJP की बजाय सीधे RSS से लड़ना चाहिए।प्रियांक ने कहा कि, “अगर RSS नहीं होता, तो BJP, JD(S) से भी बदतर होती। मैं यह लिखकर दे सकता हूं — यह रीजनल पार्टियों से भी बदतर होती।” “आज हम जो कर रहे हैं, वह शैतान के साये से लड़ रहे हैं। शैतान का साया कौन है? वो BJP है। शैतान कौन है? वो RSS है,अगर हम साये से लड़ना बंद करके शैतान से लड़ें, तो हमारा देश अपने आप बेहतर हो जाएगा।”खड़गे ने RSS पर “मनी लॉन्ड्रिंग” में शामिल होने का भी आरोप लगाया और उसके फंड के सोर्स पर सवाल उठाया।

उन्होंने दावा किया कि संगठन के पास 2,500 से ज़्यादा जुड़े हुए संगठनों का नेटवर्क है, जिनमें से कुछ अमेरिका और इंग्लैंड जैसे देशों में हैं। उन्होंने मांग की कि दूसरे संगठनों और नागरिकों पर लागू होने वाले कानूनी और संवैधानिक नियम RSS पर भी लागू होने चाहिए। उन्होंने कहा, “RSS चाहता है हम अच्छे नागरिक बनें, इनकम टैक्स दें, लेकिन वो खुद इससे आज़ाद रहना चाहते हैं। यह कैसे मुमकिन है? हमें इस पर सवाल उठाना होगा।प्रियांक खरगे ने कहा-” वो( मोहन भागवत) कहते हैं कि हमें रजिस्ट्रेशन की जरूरत नहीं है क्योंकि हम बॉडी ऑफ इंडिविजुल्स हैं> मैं आपसे वादा करता हूं आज नहीं तो कल रजिस्ट्रेशन करवाना ही होगा, मैं करवाके रहूंगा> जब तक कानून और संविधान है ये होकर रहेगा, इसके लिए आपको राजनीतिक इच्छा शक्ति चाहिए और संवैधानिक और कानूनी तरीके से आपको सही रहना है, बस यही चाहिए, ऐसा करेंगे कि किसी भी तरह की साम्प्रदायिक ताकतों से चाहे वो RSS हो या SDPI हो या कोई भी हो उन्हें रोका जा सकता है।खरगे ने कहा कि RSS का 2500 से ज्यादा संगठनों का नेटवर्क है, अमेरिका हो इंग्लैंड हो, अलग अलग जगह से पैसा आता है। मैं कह रहा हूं ना कि ये लोग मनी लॉन्ड्रिंग में शामिल हैं। कहां से इनके पास इतना पैसा आ रहा है कैसे आ रहा है। ये हमें उपदेश देते हैं कि एक अच्छा नागरिक होने के नाते हमें और आपको टैक्स भरना चाहिए लेकिन इनके लिए सब फ्री फ़ॉर ऑल है। ये कैसे सम्भव है।
