जल्दी से बनवा लें किसान आईडी,वरना नहीं मिलेंगे 23वीं किस्त के 2000 रुपये
देश के करोड़ों किसानों के लिए पीएम किसान सम्मान निधि योजना एक बड़ी आर्थिक राहत बनकर आती है. पिछले महीने, यानी मार्च 2026 में 22वीं किस्त किसानों के बैंक खातों में सफलतापूर्वक पहुंची थी. अब स्वाभाविक रूप से हर लाभार्थी को 23वीं किस्त का बेसब्री से इंतजार है. लेकिन, इस बार अगली किस्त का रास्ता इतना आसान नहीं है. सरकार ने योजना के नियमों में एक बड़ा बदलाव किया है, जिसका सीधा असर आपकी जेब पर पड़ सकता है. अगर आप भी इस योजना के तहत सालाना 6000 रुपये की सहायता प्राप्त करते हैं, तो आपके लिए यह जानना बेहद जरूरी है कि एक खास कार्ड के बिना आपकी अगली किस्त के 2000 रुपये बीच में ही अटक सकते हैं.केंद्र सरकार ने पीएम किसान योजना में पारदर्शिता लाने और सही लोगों तक पैसा पहुंचाने के लिए ‘फार्मर रजिस्ट्री’ यानी किसान आईडी बनवाना अनिवार्य कर दिया है. फिलहाल देश के 14 राज्यों में इस नियम को सख्ती से लागू किया गया है. अगर आप उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र, गुजरात, छत्तीसगढ़, ओडिशा, असम, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, केरल, तमिलनाडु या तेलंगाना के निवासी हैं, तो आपको बिना देरी किए अपनी किसान आईडी बनवा लेनी चाहिए. साल 2026 की शुरुआत से नए पंजीकरण के लिए यह अनिवार्य हो चुका है. पुराने किसानों को भी अपनी अगली किस्तें सुचारू रूप से पाने के लिए इस प्रक्रिया को पूरा करना होगासरकार का मुख्य उद्देश्य फर्जी लाभार्थियों पर लगाम कसना है. यूनिक फार्मर आईडी (Farmer ID) दरअसल एक डिजिटल पहचान पत्र है. इसमें आपकी खेती की जमीन, फसल का विवरण, खाद के उपयोग और पशुपालन से लेकर आय तक की पूरी जानकारी सुरक्षित दर्ज होती है.

इस आईडी को बनवाने के बाद आपको कई सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने के लिए बार-बार सरकारी दफ्तरों में दस्तावेज जमा नहीं करने पड़ेंगे. समय पर खाद और बीज की सब्सिडी मिलने से लेकर फसल बीमा का क्लेम आसानी से हासिल करने तक, यह डिजिटल कार्ड हर जगह आपकी मदद करेगा.किसान आईडी बनवाने की प्रक्रिया पूरी तरह से ऑनलाइन है. इसके लिए किसान को अपने राज्य के ‘AgriStack’ या कृषि विभाग के आधिकारिक पोर्टल पर जाकर रजिस्ट्रेशन करना होगा. इस प्रक्रिया में आपका आधार कार्ड, आधार से जुड़ा हुआ चालू मोबाइल नंबर और जमीन के कागजात (खसरा या जमाबंदी) की जरूरत पड़ेगी. इसके साथ ही ई-केवाईसी (e-KYC) पूरा करना भी अनिवार्य है.बात करें 23वीं किस्त की, तो यह योजना हर चार महीने के अंतराल पर किसानों को लाभ पहुंचाती है. नवंबर 2025 में 21वीं और मार्च 2026 में 22वीं किस्त जारी हुई थी. इस चक्र के हिसाब से किसानों के खातों में 23वीं किस्त जून या जुलाई 2026 के आसपास आने की पूरी संभावना है.नए बदलावों के बीच कई बार किसानों को तकनीकी समस्याओं का सामना करना पड़ता है. अगर आपका पैसा नहीं आ रहा है या पंजीकरण में कोई अड़चन आ रही है, तो आप सीधे कृषि मंत्रालय की हेल्पलाइन पर संपर्क कर सकते हैं. सरकार ने इसके लिए 24×7 चालू रहने वाली सुविधा दी है.आप टोल-फ्री नंबर 155261 या 1800115526 पर कॉल कर सकते हैं. इसके अलावा 011-23381092 पर भी बात की जा सकती है. अगर आप चाहें तो अपनी शिकायत pmkisan-ict@gov.in पर ईमेल के जरिए भी भेज सकते हैं. समय रहते अपना कार्ड बनवा लें ताकि आपकी अगली किस्त बिना किसी रुकावट के सीधे खाते में आ सके.
