बिहार में नई सरकार का फार्मूला हुआ तैयार,भाजपा ने मुख्यमंत्री चेहरा पर लगा दी मुहर!
भारतीय जनता पार्टी ने बिहार के मुख्यमंत्री का चेहरा फाइनल कर लिया है. नीतीश कुमार के इस्तीफा देने के बाद नए मुख्यमंत्री शपथ लेंगे. सूत्रों से जो जानकारी मिली है, उसके अनुसार नए मुख्यमंत्री के चेहरे पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने भी मुहर लगा दी है. मुख्यमंत्री पद के लिए भारतीय जनता पार्टी ने कुछ चेहरों को शॉर्टलिस्ट किया था, जिनमें से एक पर सहमति बन गई है.माना जा रहा है पीएम मोदी और अमित शाह के अलावा भारतीय जनता पार्टी अध्यक्ष नितिन नवीन भी इस नाम से सहमत हैं और सबसे बड़ी बात यह कि आरएसएस ने भी उस चेहरे को हरी झंडी दे दी है. अब बस इंतजार 14 अप्रैल का है, जिस दिन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार इस्तीफा देंगे और उसके बाद नई सरकार के गठन का रास्ता साफ हो सकेगा.बिहार की आगामी राजनीतिक हलचलों और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के संभावित कार्यक्रमों की रूपरेखा काफी व्यस्त नजर आ रही है. सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, इसकी शुरुआत 6 अप्रैल को मुख्यमंत्री आवास में होने वाली जेडीयू राज्य कार्यकारिणी की बैठक से होगी. इसके बाद, 9 अप्रैल को नीतीश कुमार दिल्ली रवाना होंगे, जहां जेडीयू की राष्ट्रीय परिषद और राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठकें होने के साथ-साथ शाम को उनकी मुलाकात गृह मंत्री अमित शाह से हो सकती है. 10 अप्रैल का दिन बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि इस दिन वे राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ लेंगे और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी भेंट कर सकते हैं.दिल्ली के कार्यक्रमों के बाद, मुख्यमंत्री 11 अप्रैल को पटना लौटेंगे. इसके तुरंत बाद 12 या 13 अप्रैल को पटना में एनडीए विधायक दल की बैठक आयोजित की जाएगी, जिसमें मुख्यमंत्री पद के लिए चयन की प्रक्रिया होगी. माना जा रहा है कि 14 अप्रैल को नीतीश कुमार मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे सकते हैं, जिसके बाद 18 अप्रैल से पहले बिहार में नई सरकार के गठन की पूरी संभावना है।बिहार में बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी है. 2025 के विधानसभा चुनाव में उसे 89 सीटों पर जीत मिली है, जबकि 85 विधायकों के साथ जेडीयू न केवल एनडीए में बल्कि विधानसभा में भी दूसरी सबसे बड़ी पार्टी है. एलजेपीआर के 19, हम पार्टी के 5 और आरएलएम के 4 विधायक हैं.

विधायकों की संख्या के लिहाज से मंत्रिमंडल में सबसे अधिक मंत्री भारतीय जनता पार्टी के ही होंगे और उसके बाद जनता दल यूनाइटेड को कैबिनेट बर्थ मिलेगी. अन्य सहयोगी दलों की स्थिति पहले जैसी ही बनी रहेगी.वहीं, राजनीतिक विशेषज्ञ भोलानाथ का कहना है कि इस बार सीएम बीजेपी का और डिप्टी सीएम जेडीयू का होगा, ये तो तय है लेकिन विधानसभा अध्यक्ष पद पर माथापच्ची हो सकती है, क्योंकि जेडीयू चाहता है कि उसका स्पीकर हो. पहले से ये तय रहा है कि विधानसभा अध्यक्ष जेदयू के पास है तो विधान परिषद के सभापति का पद बीजेपी को मिलता रहा है. हालांकि इसमें बदलाव भी हुए हैं. अभी दोनों पद बीजेपी के पास ही है.अभी जो नीतीश कुमार की अगुवाई में एनडीए की सरकार चल रही है, उसमें मुख्यमंत्री के अलावे जेडीयू के पास सामान्य प्रशासन, शिक्षा, वित्त, ऊर्जा विभाग, ग्रामीण विकास, ग्रामीण कार्य विभाग, समाज कल्याण, मद्य निषेध, जल संसाधन, योजना एवं विकास, अल्पसंख्यक कल्याण, भवन और संसदीय कार्य विभाग है. 2025 चुनाव से पहले तक गृह मंत्रालय भी नीतीश अपने पास ही रखते थे.मौजूदा सरकार में बीजेपी के दो उपमुख्यमंत्री हैं. इसके साथ ही गृह विभाग, पथ निर्माण विभाग, स्वास्थ्य विभाग, नगर विकास विभाग, कृषि विभाग, उद्योग विभाग. पर्यटन विभाग, कला संस्कृति, खेल विभाग, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग बीजेपी के पास है. इसमें कुछ विभागों की अदला-बदली भी होती रही है।बिहार में विधायकों की संख्या 243 होती है. ऐसे में 36 मंत्री बनाए जा सकते हैं. नीतीश कुमार के नेतृत्व में अभी जो सरकार चल रही है, उसमें 26 मंत्री ही हैं. 10 मंत्री पद खाली है. कहा जा रहा है कि कई महत्वपूर्ण विभाग जो पहले बीजेपी के पास था, वह जेडीयू को मिलेगा. गृह विभाग को लेकर भी खूब चर्चा हो रही है. जेडीयू की नजर इस विभाग पर भी है.जनता दल यूनाइटेड की तरफ से उप-मुख्यमंत्री निशांत कुमार बनेंगे, यह तय माना जा रहा है. अगर निशांत डिप्टी सीएम बनते हैं तो जेडीयू से दूसरा कोई डिप्टी सीएम बनेगा, इसकी संभावना कम है. वैसे बीजेपी दो डिप्टी सीएम बनाती रही है लेकिन जेडीयू से ऐसा नहीं होगा।
