किसानों को नहीं होगी खाद की कमी,सरकार ने तैयारी की पूरी

 किसानों को नहीं होगी खाद की कमी,सरकार ने तैयारी की पूरी
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पश्चिम एशिया में लगातार बिगड़ते हालात के बीच दुनियाभर में कई जरूरी चीजों पर संकट की आशंका जताई जा रही है. उर्वरक की उपलब्धता को लेकर भी चिंता जताई जाने लगी है. इस बीच आगामी खरीफ सीजन को देखते हुए खाद को लेकर किसी तरह की कमी न आने पाए इसके लिए भारत सरकार ने खास तैयारी की और वह 2 मोर्चों पर यानी घरेलू उत्पादन में बढ़ोतरी और ग्लोबल टेंडर के जरिए खाद की खरीद का काम सुनिश्चित कर रही है.खरीफ सीजन के लिए सरकार के पास पर्याप्त मात्रा में उर्वरक मौजूद हैं. हालांकि वैश्विक हालात को देखते हुए सरकार ने अलग-अलग रणनीतियों पर भी काम करना शुरू कर दिया है. घरेलू उत्पादन में रिकॉर्ड बढ़ोतरी के साथ ही ग्लोबल टेंडर के जरिए खाद की खरीद तय की जा रही है.भारत सरकार ने एम्पावर्ड पूल मैनेजमेंट कमिटी (Empowered Pool Management Committee, EPMC) के जरिए खाद उत्पादन के लिए प्राकृतिक गैस की खरीद की है.

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अंतरराष्ट्रीय बाजार से स्पॉट खरीद के जरिए भारत को 7.31 MMSCMD (Million Metric Standard Cubic Meters per Day) अतिरिक्त गैस मिलने लगी है. इस सप्लाई से भारत में खाद के उत्पादन में 23 फीसदी तक की बढ़ोतरी का अनुमान है. अभी तक भारत के यूरिया प्लांट्स को 32 MMSCMD के करीब प्राकृतिक गैस मिल रही थी, लेकिन अब यह क्षमता बढ़कर 39.31 MMSCMD हो गई है.इस तरह से अतिरिक्त प्राकृतिक गैस मिलने से भारत में यूरिया उत्पादन में 23 फीसदी तक की वृद्धि हो जाएगी. ऐसे में घरेलू यूरिया उत्पादन 54,500 से बढ़कर 67,000 मीट्रिक टन प्रतिदिन हो गया है. इस तरह से वैश्विक टेंडर में स्पॉट ट्रेडिंग के जरिए खरीदी गई गैस की सप्लाई बढ़कर 76 फीसदी से अधिक हो जाएगी. पहले देश के यूरिया प्लांट्स की सप्लाई की दर 62 फीसदी थी.भारत के पास पिछले साल के मुकाबले इस साल पर्याप्त मात्रा में खाद भंडार उपलब्ध हैं. यूरिया, डीएपी सहित सभी तरह के खादों का स्टॉक पिछले साल मार्च में 138.79 LMT था जो इस साल बढ़कर 180.04 LMT हो गया है. यह स्टॉक पिछले साल 19 मार्च की तुलना में 29.72 फीसदी अधिक है. वहीं डीएपी के स्टॉक में दोगुनी वृद्धि दर्ज की गई है. पिछले साल 11.85 LMT था जो इस साल बढ़कर 24.24 LMT हो गया.वैश्विक स्तर पर कई जगहों के तनावपूर्ण हालात को देखते हुए अंतर-मंत्रालयी प्रेस वार्ता के दौरान विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों को देखते हुए सरकार आगे बढ़कर कई प्रभावी फैसले ले रही है. हमारे पास, खासतौर से खरीफ की फसल के लिए खाद के पर्याप्त भंडार उपलब्ध हैं. हम पूरी तरह से आश्वस्त हैं. साथ ही उर्वरक विभाग ने भी समय रहते ग्लोबल टेंडर्स जारी किए, जिस पर सकारात्मक प्रतिक्रिया आई. हम उम्मीद करते हैं कि अलग-अलग स्रोतों से ज्यादातर ऑर्डर मार्च के अंत तक भारत पहुंच जाएंगे.

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