पेंशन,प्रमोशन और रिटायरमेंट पर जोर,8वें वेतन आयोग के लिए शिक्षकों की मांग को पूरा करेगी सरकार?
8वें वेतन आयोग पर चर्चा दिनोंदिन तेज होती जा रही है। कई कर्मचारी संगठनों ने केंद्र सरकार के कर्मचारियों के वेतन, भत्ते और सेवा शर्तों में बड़े बदलाव की मांग करते हुए सुझाव दिए हैं। अगर इन प्रस्तावों को मान लिया जाता है तो हाल के सालों में वेतन में यह सबसे बड़ा बदलाव हो सकता है।केंद्र शासित प्रदेशों के सरकारी शिक्षकों का प्रतिनिधित्व करने वाले ‘प्रगतिशील शिक्षक न्याय मंच’ (PSNM) ने वेतन-भत्तों के पूरे फ्रेमवर्क में बदलाव की मांग की है। अपने मेमोरेंडम में संगठन ने लेवल 1 के कर्मचारियों के लिए न्यूनतम मूल वेतन 50,000–60,000 रुपये करने की मांग की है। यह 7वें वेतन आयोग के तहत मौजूदा 18,000 रुपये से काफी ज्यादा है।आगे कुछ स्ट्रक्चरल रिफॉर्म्स की भी सिफारिश की है। मसलन, जब महंगाई भत्ता (DA) 50% तक पहुंच जाए तो उसे मूल वेतन में मिला देना और डीए के कैलकुलेशन को और ज्यादा सटीक बनाना। इसने चिल्ड्रेन एजुकेशन अलाउंस में भी काफी बढ़ोतरी की मांग की है। इसे मौजूदा लगभग 2,800 रुपये से बढ़ाकर 7,000 रुपये प्रति माह प्रति बच्चा करने को कहा है।कर्मचारी संघ ने परिवहन भत्ता को मूल वेतन के 12%-15% तक बढ़ाने का प्रस्ताव भी दिया है (न्यूनतम 9,000 रुपये + महंगाई भत्ता प्रतिशत के अनुसार वृद्धि)। विभिन्न स्तरों के कर्मचारियों के लिए परिवहन भत्ता की दरें क्रमशः 1,800 रुपये, 3,600 रुपये और 7,200 रुपये हैं। कर्मचारी ने प्रति माह 2,000 रुपये का डिजिटल सहायता भत्ता (ब्रॉडबैंड और एआई सहायता) भी मांगी है। 7वें वेतन आयोग में ऐसा कोई भत्ता नहीं है।पीएसएनएम ने DCRG की सीमा को 25 लाख रुपये से बढ़ाकर 50 लाख रुपये करने का प्रस्ताव दिया है और इसे महंगाई भत्ता (DA) से जोड़ने का सुझाव दिया है।

सातवें वेतन आयोग में अधिकतम डीसीआरजी 20 लाख रुपये थी, लेकिन नियम के अनुसार, जब महंगाई भत्ता 50% तक पहुंचा तो यह बढ़कर 25 लाख रुपये हो गई।PSNM ने लेवल-1 (ग्रुप D) कर्मचारियों के लिए न्यूनतम बेसिक सैलरी ₹50,000 से ₹60,000 तक करने की मांग की है. वहीं एंट्री लेवल शिक्षक (लेवल-6) के लिए न्यूनतम वेतन ₹1,34,500 प्रस्तावित किया गया है. इसके साथ ही फिटमेंट फैक्टर को 2.62 से बढ़ाकर 3.83 तक करने की मांग रखी गई है. संगठन का कहना है कि इससे कर्मचारियों की सैलरी में पर्याप्त बढ़ोतरी होगी.शिक्षक संगठन ने महंगाई भत्ते (DA) को 50% होने पर बेसिक सैलरी में मर्ज करने की मांग की है. साथ ही DA की गणना दो दशमलव तक करने का सुझाव दिया गया है. बच्चों की शिक्षा भत्ता (CEA) को बढ़ाकर ₹7,000 प्रति माह प्रति बच्चा करने की मांग की गई है, जो फिलहाल करीब ₹2,800 है.PSNM ने हाउस रेंट अलाउंस (HRA) को मौजूदा 10%, 20% और 30% से बढ़ाकर 12%, 24% और 36% करने का प्रस्ताव दिया है. इसके अलावा ट्रांसपोर्ट अलाउंस को बेसिक सैलरी का 12-15% करने और न्यूनतम ₹9,000 तय करने की मांग की गई है. साथ ही डिजिटल कार्यों के लिए ₹2,000 प्रति माह का नया डिजिटल अलाउंस देने का सुझाव भी शामिल है.संगठन ने सालाना 14 कैजुअल लीव, 30 अर्न्ड लीव और 20 मेडिकल लीव देने की मांग की है. रिटायरमेंट के समय अर्न्ड लीव एनकैशमेंट को 300 दिन से बढ़ाकर 400 दिन करने का प्रस्ताव है. इसके अलावा न्यूनतम बोनस को ₹6,908 से बढ़ाकर ₹27,640 करने की मांग की गई है. शिक्षकों के लिए 100% कैशलेस मेडिकल सुविधा (OPD और IPD दोनों) लागू करने का भी सुझाव दिया गया है.PSNM ने पुरानी पेंशन योजना (OPS) को फिर से लागू करने की मांग की है और NPS/UPS को समाप्त करने का सुझाव दिया है. इसके अलावा रिटायरमेंट उम्र 60 से बढ़ाकर 65 साल करने की बात कही गई है. प्रमोशन के लिए MACP स्कीम में बदलाव कर 6, 12, 18 और 24 साल पर अपग्रेडेशन देने का प्रस्ताव रखा गया है. कुल मिलाकर, शिक्षक संगठन ने 8वें वेतन आयोग से व्यापक सुधारों की मांग की है. उनका मानना है कि इन बदलावों से शिक्षकों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और शिक्षा व्यवस्था को भी लाभ मिलेगा।
