घरेलू गैस सिलेंडर के दामों में होगी गिरावट,इसी महीने से कम होने लगेंगे LPG के दाम

 घरेलू गैस सिलेंडर के दामों में होगी गिरावट,इसी महीने से कम होने लगेंगे LPG के दाम
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ईरान-अमेरिका युद्ध रूकने और होर्मुज ऑफ स्ट्रेट खुलने के बाद सरकारी तेल और गैस मार्केटिंग कंपनियों ने बुधवार यानी 01 जुलाई को कमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमत में 183.5 रुपये और एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) की कीमत में 5 रुपये प्रति लीटर की कटौती की है. बता दें मिडिल ईस्ट में तनाव के दौरान कच्चे कमर्शियल एलपीजी गैस और कच्चे तेल की कीमतों में दुनिया भर में रिकॉर्ड स्तर पर इजाफा हुआ था. अब युद्ध रुकने और होर्मुज खुलने के बाद इसमें कमी आने शुरू हो गई है.कमर्शियल LPG और ATF दोनों ही डीरेगुलेटेड फ्यूल हैं. इनकी कीमतों में हर महीने की पहली तारीख को इंटरनेशनल बेंचमार्क के आधार पर बदलाव किया जाता है. ईरान-अमेरिका युद्ध के दौरान भारत में इनकी कीमतों में 4 बार बढ़ोतरी हुई है.इस दौरान कमर्शियल LPG की कीमतों में प्रति सिलेंडर 1,373 रुपये का इजाफा हुआ था. फिलहाल, दिल्ली में 19 kg वाले कमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमत 183.5 रुपये कम होकर 2,930 रुपये हो गई है. मुंबई में यह 2,884 रुपये, कोलकाता में 3,072 रुपये और चेन्नई में 3,099.5 रुपये है.सरकारी तेल और गैस मार्केटिंग कंपनियों ने 5-kg वाला फ्री ट्रेड LPG (FTL) सिलेंडर की कीमतों में भी कमी की है. इस सिलेंडर का इस्तेमाल अधिकतर प्रवासी मजदूर, सड़क किनारे खाने-पीने की दुकानें और स्ट्रीट वेंडर करते हैं. इसमें भी 13 रुपये की कमी की गई है.

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इसकी कीमत 808.5 रुपये है.हालांकि, 14.2 KG वाले घरेलू LPG सिलेंडर के रेट में अब भी कोई कमी नहीं की गई है. इसकी कीमत अब 942 रुपये के पास बनी हुई है. हालांकि, जिस तरीके से कमर्शियल फ्री ट्रेड LPG के कीमतों में कमी आई है, उससे जल्द ही इसी महीने घरेलू गैस सिलेंडर के रेट में भी कमी आने का अंदाजा लगाया जा रहा है.साल 2026 में 2 बार बढ़े थे घरेलू एलपीजी सिलेंडर के दाम. कुल 89 रुपये की हुई थी बढ़ोतरीअब कमर्शियल गैस सिलेंडर के दाम में कमी के घरेलू एलपीजी के रेट में गिरावट की भी संभावना ईरान-अमेरिका युद्ध बंद होने से एलपीजी गैस सिलेंडर और तेल की सप्लाई व्यवस्था हुई बेहतर ईरान अमेरिका युद्ध के रुकने के बाद होर्मुज स्ट्रेट को खोल दिया गया है. समुंदर में फंसी गैस और तेल की जहाजों की आवाजाही शुरू हो चुकी है. भारत भी एलपीजी और तेल का बड़ा हिस्सा इसी रूट से आयात करता है. फिलहाल,सप्लाई चेन पर दबाव कम हुआ है. इसको देखते हुए भारत सरकार ने पिछले ही हफ्ते कमर्शियल LPG इस्तेमाल पर लगी रोक हटा दी. पहले की तरह इसके उपयोग की इजाजत दे दी है. ऐसे में आने वाले वक्त में एलपीजी की पर्याप्त उपलब्धता के चलते घरेली एलपीजी सिलेंडर के दामों में कमी आ सकती है.कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमतों में कमी और बढ़ोतरी अंतरराष्ट्रीय LPG बाजार और आयात लागत के रुझान को दिखाता है. कमर्शियल सिलेंडर का सस्ता होना इस बात का संकेत हो सकता है कि वैश्विक एलपीजी बाजार में दबाव कम हुआ है. ऐसे में अंतराष्ट्रीय बाजार में एलपीजी के कीमतों में कमी आने के चलते भारत में भी घरेलू गैस के दाम में घटोत्तरी हो सकती है.भारत की सरकारी तेल कंपनियों (IOC, HPCL, और BPCL) ने साल 2025 में अमेरिका से हर साल 22 लाख टन एलपीजी आयात करने की डील की थी. न्यूज एजेंसी रॉयटर्स ने Kpler के हवाले से बताया कि जून 2026 में भारत का अमेरिका से LPG आयात 10 लाख टन के रिकॉर्ड स्तर को पार करने का अनुमान है.मई 2026 में भारत ने अमेरिका से 648,300 टन LPG का आयात किया था. इसका साफ अर्थ हुआ कि भारत के डील के मुताबिक अमेरिका एलपीजी का आयात करता रहेगा. साथ ही होर्मुज स्ट्रेट खुलने से गल्फ सिटीज से भी एलपीजी का आयात बेहतर हुआ है. ऐसे में देश में एलपीजी की पर्याप्त उपलब्धता के चलते घरेलू गैस के दाम बढ़ने की बजाय घटेंगे.कतर दुनिया के प्रमुख गैस और एलपीजी निर्यातकों में शामिल है. भारत की तरफ से भी कतर से बड़े स्तर पर ऊर्जा संसाधनों का आयात किया जाता है.ईरान-अमेरिका के जंग के बीच भी कतर ने भारत के लिए ऊर्जा आपूर्ति को सुचारू बनाए रखने की दिशा में कदम उठाए थे. इस दौरान सुरक्षित मार्ग अपनाकर गुजरात के कांडला और मुंद्रा बंदरगाहों तक कतर द्वारा एलपीजी युक्त जहाज पहुंचाए गए. लेकिन अब होर्मुज खुलने के बाद भारत की आयात लागत और आपूर्ति संबंधी जोखिम कम हो सकते हैं. इसका असर घरेलू एलपीजी सिलेंडर के दामों में भी नजर आ सकता है.भारत में बिजली की मांग तेजी से बढ़ी है. डाउन टू अर्थ में छपे एक रिपोर्ट के मुताबिक साल 2026 में, 1 अप्रैल से बिजली की पीक डिमांड तेजी से बढ़ी है, यह 214.9 GW से बढ़कर 25 अप्रैल को दो साल के सबसे ऊंचे स्तर 257.1 GW पर पहुंच गई. फिर 21 मई, 2026 को 270.8 GW के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई. 50 दिनों में ही 26 प्रतिशत तक बिजली की मांग बढ़ी. वहीं, साल 2025 में भारत में बिजली की मांग अधिकतम 242.49 GW (गीगावाट) तक पहुंची थी. यानी अधिकतम मांग में पिछले साल की तुलना में इस साल इसकी मांग तकरीबन 28 गीगावाट का इजाफा हुआ है.भारत में बिजली की बढ़ती मांग के पीछे कुकिंग के लिए इस्तेमाल किए जा रहे इंडक्सन, एयरफ्रायर जैसे इलेक्ट्रानिक उपकरणों भी एक अहम वजह है. एक निजी एजेंसी के सर्वे के मुताबिक भारत में तकरीबन 5 प्रतिशत परिवार किसी न किसी रूप में इलेक्ट्रिक कुकिंग उपकरणों का इस्तेमाल करती है.अगर मान लिया जाए कि भारत में तकरीबन 147 करोड़ जनसंख्या है. हर परिवार में 5 सदस्य हैं तो देश में कुल 31 करोड़ फैमिली होगी. इन 31 करोड़ में 5 प्रतिशत परिवार की गणना की जाए तो यह संख्या 1.5 से 1.6 करोड़ होगी. साफतौर पर 1.5 से 1.6 करोड़ परिवार अब किसी न किसी स्तर पर इलेक्ट्रिक कुकिंग उपकरणों का उपयोग कर रहे हैं.ईरान-अमेरिका युद्ध दौरान एलपीजी सप्लाई संकट के बीच इन आंकड़ों में और भी इजाफा हुआ होगा. इसका साफ अर्थ हुआ, एलपीजी गैस सिलेंडर पर लोगों की निर्भरता कम हुई है. ऐसे में घरों में एलपीजी के कम उपयोग के चलते सरकार के पास मौजूद स्टॉक पर ज्यादा दबाव नहीं बनेगा. इसका परिणाम, घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में कमी के तौर पर आ सकता है.भारत में साल 2026 के दौरान दो बार घरेली एलपीजी गैस के कीमतों में इजाफा हुआ. पहला इजाफा 7 मार्च 2026 को 60 रुपये किया गया. फिर, दूसरा इजाफा 7 जून 2026 को 29 रुपये का इजाफा किया गया. कुल मिलाकर इस साल 89 रुपये प्रति सिलेंडर इजाफा हुआ. पहले इजाफे में एलपीजी के घरेलू गैस का दाम 853 से बढ़कर 913 रुपये के आसपास हो गया था. वहीं, दूसरी बार बढ़ोतरी में घरेलू LPG सिलेंडर की कीमत 942 के पास पहुंच गई थी.

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