बिहार में भी कोरोना ने पकड़ी रफ्तार,एक साथ मिले 3 नए संक्रमित मरीज

 बिहार में भी कोरोना ने पकड़ी रफ्तार,एक साथ मिले 3 नए संक्रमित मरीज
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देश में नए वैरिएंट की दस्तक के बाद बिहार में कोरोना का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है। पिछले कुछ दिनों से अलग-अलग जिलों से कोरोना के मामले सामने आ रहे हैं। पटना, मुजफ्फरपुर, गया और सासाराम में कई केसेज सामने आ चुके हैं। अब मुजफ्फरपुर में एक बार फिर कोरोना ने दस्तक दी है। बता दें कि इससे पहले गया में भी 3 लोगों की रिपोर्ट कोविड पॉजिटिव आई थी जबकि सासाराम में कोरोना से 10 साल की बच्ची की मौत हुई थी। बिहार में कोरोना संक्रमण का खतरा बढ़ता जा रहा है। मुजफ्फरपुर में एक बार फिर कोरोना ने अपनी उपस्थिति दर्ज करायी है। एक साथ तीन संक्रमित मरीजों के मिलने से इलाके में हड़कंप मचा हुआ है। एसकेएमसीएच और सदर अस्पताल में आरटीपीसीआर टेस्ट में आई रिपोर्ट के अनुसार तीन मरीज कोरोना पॉजिटिव मिले हैं। इसके साथ ही मुजफ्फरपुर में कोरोना के एक्टिव मरीजों की संख्या बढ़कर चार हो गयी है। कोरोना से संक्रमित मरीजों में 12 साल का बच्चा और 20 साल की युवती भी शामिल है। जिसमें दो कटरा और एक मीनापुर का रहने वाला है। तीनों मरीजों को खांसी, सर्दी और बुखार था जो अस्पताल में इलाज के लिए पहुंचे थे जहां डॉक्टरों ने तीनों का आरटीपीसीआर टेस्ट कराया तब रिपोर्ट में ये कोरोना पॉजिटिव निकले। तीनों के ट्रैवल हिस्ट्री का पता लगाया जा रहा है। फिलहाल तीनों को होम आइसोलेशन में रखा गया है। सदर अस्पताल का सैंपल एक जनवरी और एसकेएमसीएच के मरीज का सैंपल दो जनवरी को लिया गया था। डॉ. दास ने बताया कि कोरोना के तीनों मरीजों को होम आइसोलेशन में रखा गया है। तीनों मरीजों की मॉनिटरिंग की जा रही है। सभी की स्थिति ठीक है। जिले में कोरोना के तीन नए मरीज मिल जाने से स्वास्थ्य विभाग अलर्ट पर है।बता दें कि बीते मंगलवार को पटना में भी दो कोरोना संक्रमित मरीज मिले हैं। इनमें से एक की उम्र 19 साल तो दूसरे की 50 साल थी। 19 वर्षीय युवक बोरिंग रोड स्थित आनंदपुरी मोहल्ले का रहने वाला है। उसे सर्दी-खांसी, बुखार जैसे लक्षण के बाद जांच कराई गई थी। वहीं, एमएमसीएच में इलाज कराने आया 50 वर्षीय व्यक्ति संक्रमित मिला। वह आलमगंज के बड़ी पटनदेवी का रहने वाला है। कोरोना संक्रमित होने के बाद दोनों को होम आइसोलेशन में रखा गया था।लेकिन हैरानी की बात तो यह है कि बिहार में अभी संक्रमित मरीजों के सैंपल की जीनोम सिक्वेंसिंग नहीं हो पा रही है। इस कारण यह पता नहीं चल पा रहा है कि बिहार में जो कोरोना केस मिल रहे हैं, वो नए वैरिएंट जेएन-1 के हैं या ओमिक्रॉन से पीड़ित हैं।

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