मुखिया और वार्ड सदस्यों को मिलेगा और भी पावर और अधिकार,नीतीश सरकार लेने जा रही है बड़ा फैसला
बिहार विधानसभा में बाढ़ की लाई मिठाई को जीआई टैग दिलाने के मुद्दे को विधायक सियाराम सिंह ने उठाया। इस पर जवाब देते हुए मंत्री दिलीप जायसवाल ने कहा कि आवेदन किया गया है। चेन्नई भेजी गई है। सरकार प्रयासरत है कि जल्द से जल्द बाढ़ की लाई मिठाई को जीआई टैग मिल जाए। इसके बाद विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार ने गया के तिलकुल को भी जीआई टैग दिलाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि जीआई टैग के लिए आवेदन किया गया है। मामला दिखवा लें। इसके बाद डिप्टी सीएम विजय सिन्हा ने मंत्री दिलीप जायसवाल से मजाकिया अंदाज में कहा कि आप बढ़ैया का रसगुल्ला तो खाते हैं लेकिन उसे जीआई टैग नहीं दिलवा रहे हैं। हंसते हुए दिलीप जायसवाल ने विधानसभा अध्यक्ष से कहा कि विजय बाबू ने आज तक रसगुल्ला नहीं खिलाया है। लेकिन, फिर भी मैं जीआई टैग के लिए इसे देख रहा हूं। उन्होंने सभी विधायकों से अपील करते हुए कहा कि आपके इलाके की जो भी चीजें जीआई टैग के लिए उपयुक्त लगे, उसके लिए आवेदन कर दें। बिहार विधान परिषद् में एमएलसी महेश्वर सिंह ने कहा कि वार्ड सदस्य की तरह मुखिया को भी कोई अधिकार नहीं है।

यहां तक कि वह एक सोलर लाइट तक नहीं लगा सकते हैं। पंचायती राज विभाग पटना से लाइट भेजते हैं। आखिर क्या घपला है? मेरा सदन से आग्रह है कि सरकार वार्ड सदस्य, मुखिया और सरपंच को अधिकार दे।पंचायती राज विभाग के मंत्री दीपक प्रकाश ने कहा कि ग्राम सभा में जो प्रस्ताव आता है, उस पर कार्य किया जाता है। ग्राम पंचायत की बैठक में हर निर्णय बहुमत के आधार पर लिए जाते हैं। वार्ड सदस्य भी बैठकों में जाएं। मुखिया पर वार्डों में बराबर काम करने का आरोप लगता है। इस पर मैं कहना चाहता हूं कि वार्ड सदस्य ग्राम सभा की बैठक में जरूर जाएं। अगर वह बैठक में नहीं जाएंगे तो काम कैसे होगा? एमएलसी कुमार नागेंद्र और एमएलसी माहेश्वर सिंह ने जो मांगें की है उस पर सरकार गंभीरता से विचार करेगी। अप्रैल माह से नई नीति लागू होगी। सरकार आश्वासन देती है मुखिया और वार्ड सदस्य को अधिकार दिया जाएगा।
