बीजेपी नेता का ममता सरकार पर बड़ा हमला,बंगाल बन चुका है उग्रवादियों का गढ़
पश्चिम बंगाल में इस साल विधानसभा चुनाव होने हैं. जिसको लेकर तमाम राजनीतिक दल तैयारियों में जुट गए हैं. इस बीच आरोप प्रत्यारोप का दौर भी जारी है. बीजेपी और सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (TMC) लगातार एक दूसरे पर हमलावर हैं. टीएमसी जहां राज्य में अपनी सत्ता बरकरार रखने की पुरजोर कोशिश कर रही है, तो वहीं बीजेपी किसी भी हाल में बंगाल फतह करने की जुगत में हैं. इस बीच बीजेपी के वरिष्ठ नेता सुवेंदु अधिकारी का बयान सामने आया है. उन्होंने एक बार फिर से सूबे की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी सरकार पर तीखा हमला बोला है.सुवेंदु अधिकारी ने मीडिया से बात करते हुए आरोप लगाया है कि टीएमसी ने बंगाल को उग्रवादियों का गढ़ बना दिया है. उन्होंने कहा कि “कश्मीर एसटीएफ ने दो साल पहले जावेद मुंशी को गिरफ्तार किया था, एक को असम एसटीएफ ने मुर्शिदाबाद से गिरफ्तार किया था. टीएमसी ने बंगाल को उग्रवादियों का गढ़ बना दिया है, इसे जड़ से उखाड़ फेंकना होगा. सभी राष्ट्रवादी लोग इसे जड़ से उखाड़ फेंकेंगे’.इससे पहले बीते शुक्रवार को विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी ने ने SIR और वोटर लिस्ट को लेकर राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला था।

मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा था कि उनकी सिर्फ एक ही मांग है कि पश्चिम बंगाल को एक बिना गलती वाली वोटर लिस्ट मिले. उन्होंने कहा ‘हमें एक बिना गलती वाली वोटर लिस्ट चाहिए. मैंने पहले दिन कहा था और आज भी कहता हूं. SIR कोई नई बात नहीं है.यह एक लगातार चलने वाला प्रोसेस है. SIR पहले आठ बार हो चुका है.यह नौवीं बार है’ साथ ही उन्होंने साफ किया कि वोटर लिस्ट में चार तरह के नाम किसी भी हाल में नहीं होने चाहिए, मृत लोगों के नाम, फर्जी वोटर, एक ही व्यक्ति का दो या तीन जगह नाम और गैर-भारतीय नागरिकों के नाम.सुवेंदु अधिकारी ने कहा था कि जो लोग भारतीय हैं, चाहे वे किसी भी धर्म के हों, उन्हें लेकर कोई आपत्ति नहीं है. लेकिन जो लोग अवैध तरीके से सीमा पार कर आए हैं, उनके नाम वोटर लिस्ट में नहीं रहने चाहिए. उन्होंने ने कहा था कि बांग्लादेश से दो तरह के लोग पश्चिम बंगाल आए हैं. हिंदू अपना धर्म बचाने आए हैं, वो घुसपैठिए नहीं हैं, वे रिफ्यूजी हैं, उन्होंने इस्लाम नहीं अपनाया है. वो अपना धर्म बचाने आए हैं. वे रिफ्यूजी के तौर पर आए हैं और जो लोग बांग्लादेश से गैर-कानूनी तरीके से यहां घुसे हैं, वो मेरी मां, बहनों, बेटियों को लव जिहाद के जाल में फंसा रहे हैं.विपक्ष के नेता ने आरोप लगाया कि SIR प्रक्रिया को सही ढंग से लागू नहीं किया गया. बूथ लेवल ऑफिसरों के जरिए लोगों के नाम और सरनेम तक गलत दर्ज किए गए, फिर आम लोगों को लंबी लाइनों में खड़ा किया गया. अधिकारी ने कहा कि जब आज हर चीज ऑनलाइन हो सकती है, तो इस प्रक्रिया को डिजिटल तरीके से क्यों नहीं किया गया. उन्होंने कहा कि अगर बीजेपी सत्ता में आई, तो सबसे पहले वोटर लिस्ट की सफाई की जाएगी।
