मंत्री संजय निषाद के आरक्षण वाले मांग पर बोले अखिलेश यादव,हम थे जिनके सहारे वो हुए न हमारे..
गोरखपुर में महंत दिग्विजय नाथ पार्क में निषाद पार्टी का प्रांतीय अधिवेशन आयोजित हुआ। इसमें कैबिनेट मंत्री डॉ. संजय निषाद आरक्षण के मुद्दे पर भावुक हो गए। उन्होंने निषाद समाज के संवैधानिक हक की पुरजोर वकालत की।डॉ. निषाद ने कहा कि आरक्षण समाज का अधिकार है। उन्होंने स्पष्ट किया कि समाज के हित में जरूरत पड़ने पर वह मंत्री पद छोड़ देंगे। मंच से भावुक होकर उन्होंने कहा, “मेरा मंत्री पद ले लो, पर मेरे समाज को आरक्षण दो।” यह कहते हुए वे रो पड़े।उन्होंने सरकार से एक महत्वपूर्ण मांग रखी। यह मांग ओबीसी वर्ग से नौ प्रतिशत आरक्षण घटाने की थी। इसका उद्देश्य मछुआरा समाज को अनुसूचित जाति वर्ग में शामिल करना है। इससे वर्षों से चली आ रही सामाजिक और आर्थिक असमानता दूर हो सकेगी।मंत्री डॉ. संजय निषाद ने निषाद समाज को उसका संवैधानिक हक दिलाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि यह उनके समाज का मूलभूत अधिकार है। अपनी बात रखते हुए वे इतने भावुक हुए कि उनकी आंखों से आंसू छलक पड़े।

उन्होंने सरकार से अपने समाज के लिए आरक्षण सुनिश्चित करने की अपील की।योगी के मंत्री के मंच पर रोने की घटना ने सियासी हलकों में हलचल पैदा कर दी है. अब इस पर समाजवादी पार्टी (सपा) राष्ट्रीय अध्यक्ष व पूर्व सीएम अखिलेश यादव की प्रतिक्रिया सामने आई है.गोरखपुर में मंत्री संजय निषाद के मंच पर रोने की घटना पर अखिलेश यादव ने कहा कि, “ये भाजपा के साथ जाने पर पश्चाताप के आँसू हैं या प्रायश्चित के?” अखिलेश यादव ने कहा कि, “पीड़ा बढ़ रही है… पीड़ित बढ़ रहे हैं… इसीलिए पीडीए बढ़ रहा है. जनता कह रही है कि इस वीडियो के बैकग्राउंड में जो गाना हमें सुनाई दे रहा है वो हमारा भ्रम है या सच है : हम थे जिनके सहारे वो हुए न हमारे…”मंत्री संजय निषाद ने मंच से कहा कि मेरी बहन-बेटियों की इज्जत लूटी गई है, हमारे बच्चों को पीछे छोड़ दिया गया, अपनी पार्टी बनाओ, अपने खड़े होगे तो पार्टी खड़ी होगी. संजय निषाद ने कहा कि पिछली सरकारों ने हमको ठगने और लूटने का काम किया, मुख्यमंत्री जी को धन्यवाद दूंगा.फिलहाल, गोरखपुर में मंत्री संजय निषाद की मंच पर रोने की घटना पर पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश ने प्रतिक्रिया देकर राजनीतिक हलचल बढ़ा दी है. हालांकि, अखिलेश यादव के बयान पर अभी सत्ता पक्ष या बीजेपी की तरफ से प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
