SIR के बाद अब देश में होगा SSR,जानिए क्या है पूरी खबर?

 SIR के बाद अब देश में होगा SSR,जानिए क्या है पूरी खबर?
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मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर देशभर में राजनीतिक बहस जारी है. इस बीच, चुनाव आयोग ने 17 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में मतदाता सूची को अपडेट करने के लिए विशेष संक्षिप्त संशोधन (SSR) की घोषणा की है. इसका उद्देश्य मतदाता सूची में नए नाम जोड़ना, पात्र मतदाताओं की भागीदारी बढ़ाना और सूची में जरूरी सुधार करना है.मतदाताओं को शामिल करना, त्रुटियों में सुधार करना और राजनीतिक दलों के साथ प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखना है. इसके तहत युवा मतदाताओं और उन समूहों पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा, जिनका मतदाता सूची में प्रतिनिधित्व कम है. बता दें कि SSR एक विशेष संक्षिप्त संशोधन है, जबकि SIR विशेष गहन पुनरीक्षण है. दोनों प्रक्रियाओं के तरीके और दायरे में अंतर है.SSR के तहत 1 जनवरी 2027 को मुख्य अर्हता तिथि माना गया है. आइए, इसके प्रमुख प्रावधानों को पॉइंट्स में समझाते हैं.SSR जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 21 के तहत किया जा रहा है.

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इसके लिए 1 जनवरी 2027 को अर्हता तिथि निर्धारित की गई है।घर-घर जाकर सर्वे नहीं: यह विशेष संक्षिप्त संशोधन है, इसलिए BLO यानी बूथ लेवल ऑफिसर मतदाताओं के घर-घर जाकर गणना नहीं करेंगे.अग्रिम आवेदन की सुविधा: 1 जनवरी 2027 को पात्र होने वाले युवा और पहली बार के मतदाता नामांकन के लिए आवेदन कर सकते हैं. इसके अलावा, 1 अप्रैल, 1 जुलाई और 1 अक्टूबर 2027 को पात्र होने वाले नागरिक भी अग्रिम आवेदन जमा कर सकेंगे।नए मतदान केंद्र: फील्ड वेरिफिकेशन के बाद नए पोलिंग स्टेशन की जरूरत सामने आने पर जिला निर्वाचन अधिकारी राजनीतिक दलों से परामर्श करके उन्हें अंतिम रूप देंगे.हेल्प डेस्क की व्यवस्था: जिला और विधानसभा क्षेत्र स्तर पर हेल्प डेस्क बनाए जाएंगे. इनका उद्देश्य प्रवासी, कमजोर और हाशिए पर रहने वाले लोगों सहित सभी पात्र नागरिकों के लिए नामांकन प्रक्रिया आसान बनाना है.विशेष अभियान और कैंप: मतदाता सूची में नाम जोड़ने और जरूरी सुधार करने के लिए विशेष अभियान और शिविर आयोजित किए जाएंगे.राजनीतिक दलों के साथ साप्ताहिक बैठक: निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी (ERO) राजनीतिक दलों के साथ हर सप्ताह बैठक करेंगे. उन्हें दावों और आपत्तियों की प्रिंटेड सूची भी उपलब्ध कराई जाएगी.नाम जोड़ने, हटाने और सुधार की जानकारी: ड्राफ्ट मतदाता सूची के प्रकाशन से पहले तैयार किए गए नाम जोड़ने, हटाने और संशोधन संबंधी पूरक दस्तावेज राजनीतिक दलों के साथ साझा किए जाएंगे.मतदाता सूची की डिजिटल और प्रिंटेड कॉपी: ड्राफ्ट और अंतिम मतदाता सूची की हार्ड कॉपी तथा पढ़ने योग्य PDF की सॉफ्ट कॉपी राजनीतिक दलों को दी जाएगी.चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों को सूची: चुनाव से पहले अंतिम मतदाता सूची और सॉफ्टवेयर से तैयार पूरक सूची की एक कॉपी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों को मुफ्त दी जाएगी. अन्य लोगों के लिए भी सूची निर्धारित प्रक्रिया के तहत उपलब्ध कराई जाएगी,फॉर्म-7 जमा करने की सीमा: चुनाव आयोग ने 9 अक्टूबर 2026 के पत्र संख्या 23/Inst/2026-ERS के जरिए फॉर्म-7 जमा करने की अधिकतम सीमा निर्धारित की है. फॉर्म-7 का इस्तेमाल मतदाता सूची में नाम शामिल करने के प्रस्ताव पर आपत्ति या किसी नाम को हटाने के अनुरोध के लिए किया जाता है.उम्मीदवारों को इलेक्ट्रॉनिक कॉपी: चुनाव के दौरान रिटर्निंग ऑफिसर या जिला निर्वाचन अधिकारी उम्मीदवारों की मांग पर पेनड्राइव या अन्य इलेक्ट्रॉनिक स्टोरेज डिवाइस में वर्णक्रम के अनुसार तैयार मतदाता सूची की पढ़ने योग्य PDF उपलब्ध करा सकते हैं.e-EPIC डाउनलोड करने की सुविधा: नामांकन के बाद मतदाता ECINET ऐप के लिंक के जरिए अपना e-EPIC डाउनलोड कर सकेंगे. इसकी जानकारी पंजीकृत मोबाइल नंबर पर SMS के माध्यम से भेजी जाएगी. मौजूदा मतदाता भी ECINET ऐप या पोर्टल से e-EPIC डाउनलोड कर सकते हैं। भौतिक EPIC कार्ड स्पीड पोस्ट या BLO के माध्यम से उपलब्ध कराया जाएगा.आदेशों की निगरानी: ERO और AERO के आदेशों की जिला निर्वाचन अधिकारी (DEO), रोल ऑब्जर्वर और मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) स्तर पर जांच की जाएगी.राजनीतिक दलों को नियमित अपडेट: CEO, DEO और ERO राजनीतिक दलों के साथ नियमित बैठकें करेंगे. इनमें संशोधन का कार्यक्रम, साप्ताहिक दावे और आपत्तियां तथा मतदाता सूची से जुड़ी जानकारी साझा की जाएगी.BLO और BLA के बीच समन्वय: बूथ लेवल ऑफिसर (BLO), बूथ लेवल एजेंट (BLA) के साथ बैठक करेंगे और उन्हें SSR की समय-सारणी तथा प्रक्रिया की जानकारी देंगे.ड्राफ्ट सूची की संयुक्त जांच: BLO, मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के BLA के साथ मिलकर ड्राफ्ट मतदाता सूची की जांच करेंगे और जरूरी सुधारों की पहचान करेंगे.आवेदन के साथ सत्यापन घोषणा: BLA जब मतदाताओं की ओर से आवेदन फॉर्म एकत्र करके जमा करेंगे, तो उन्हें आवेदनों की सूची के साथ यह घोषणा भी देनी होगी कि उन्होंने फॉर्म में दर्ज विवरणों का स्वयं सत्यापन किया है और उन्हें सही पाया है.कमजोर और कम प्रतिनिधित्व वाले समूहों पर विशेष ध्यान: महिलाओं, ट्रांसजेंडर लोगों, अनुसूचित जनजातियों, विशेष रूप से कमजोर आदिवासी समूहों (PVTG), वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांगों, बीमार व्यक्तियों, गरीबों और दूरदराज के इलाकों में रहने वाले नागरिकों का नामांकन बढ़ाने के लिए विशेष कदम उठाए जाएंगे.दस्तावेजों की सुरक्षा: मतदाता सूची और उससे संबंधित दस्तावेजों का रखरखाव तथा सुरक्षा निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण नियम, 1960 के नियम 32 के तहत की जाएगी। सभी संबंधित कानूनी प्रावधानों का पालन करना अनिवार्य होगा।

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