अभिषेक बनर्जी ने केंद्र सरकार को दी बहस की चुनौती,बोले-बंगाल को अनदेखा किया गया!
तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने भारतीय जनता पार्टी के सांसद ज्योतिर्मय सिंह महतो और केंद्र सरकार की बंगाल के प्रति कथित अनदेखी की आलोचना की. उन्होंने सीधे भाजपा सांसद को ‘ओपन डिबेट’ यानी की खुली बहस की चुनौती दी.पुरुलिया में एक रैली को संबोधित करते हुए अभिषेक बनर्जी ने भाजपा सांसद ज्योतिर्मय सिंह महतो को चुनौती देते हुए कहा कि, अगर वह उन्हें हराकर मैदान से बाहर नहीं कर सके, तो वह लोगों को अपना चेहरा नहीं दिखाएंगे.उन्होंने भाजपा सांसद से मोदी सरकार का 12 साल का रिपोर्ट कार्ड लाने को कहा. टीएमसी नेता ने कहा कि, वह भी ममता बनर्जी सरकार का 15 साल का रिपोर्ट कार्ड लेकर आएंगे. उन्होंने ज्योतिर्मय सिंह को पुरुलिया के किसी भी मैदान में आकर खुली बहस की चुनौती दी. उन्होंने कहा कि, वह ज्योतिर्मय को 10 में से शून्य पर हराकर मैदान से बाहर कर देंगे. अगर ऐसा नहीं हुआ तो वह लोगों को अपना चेहरा नहीं दिखाएंगे.पुरुलिया में एक रैली को संबोधित करते हुए अभिषेक ने रेलवे सर्विस को लेकर पुरुलिया के लोगों की पुरानी शिकायतों को भी हवा दी. उन्होंने दावा किया कि हावड़ा-चक्रधरपुर या रूपसी बांग्ला एक्सप्रेस जैसी ट्रेनें लगातार लेट होती हैं.

अभिषेक ने कहा कि, सुबह 6 बजे की ट्रेन सुबह 10 बजे आती है. पिछले 12 सालों में, सासंद एक भी नई ट्रेन लाइन शुरू नहीं कर पाए हैं.उन्होंने कहा कि, इसके उलट, अमृत भारत या वंदे भारत के नाम पर आम यात्रियों को लूटा जा रहा है. उन्होंने चेतावनी दी कि चुनाव नतीजों के तीन महीने के अंदर, तृणमूल कांग्रेस पुरुलिया से 20 लोगों का एक डेलीगेशन दिल्ली ले जाएगी और जरूरत पड़ने पर रेल मंत्री का दरवाजा खटखटाएगी.तृणमूल कांग्रेस में दूसरे नंबर के नेता ने केंद्र सरकार पर महात्मा गांधी नेशनल रूरल एम्प्लॉयमेंट गारंटी एक्ट (MGNREGA), प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY), और जल जीवन मिशन के लिए फंड रोकने का आरोप लगाया.राज्य की स्वास्थ्य साथी स्कीम की तुलना केंद्र सरकार की आयुष्मान भारत से करते हुए अभिषेक बनर्जी ने कहा कि, आयुष्मान भारत पाने के लिए आपके पास रेफ्रिजरेटर, मोटरसाइकिल या स्मार्टफोन नहीं होना चाहिए. लेकिन ममता बनर्जी के स्वास्थ्य साथी कार्ड में ऐसी कोई शर्त नहीं है.उन्होंने कहा कि, 10 करोड़ लोग, चाहे वे अमीर हों या गरीब, इसका फायदा उठा रहे हैं. उन्होंने माताओं को भरोसा दिलाते हुए कहा, भाजपा नेता लक्ष्मी भंडार स्कीम को बंद करने की साजिश कर रहे हैं. लेकिन वह वादा करते हैं कि, जब तक ममता बनर्जी यहां हैं, दुनिया में किसी की ताकत नहीं है कि वह उनके लक्ष्मी भंडार को छू सके.अभिषेक बनर्जी ने इस दौरान स्थानीय भाजपा नेतृत्व पर भी हमला बोला. उन्होंने आरोप लगाया कि जो लोग कभी सीपीआई(एम) के गुंडे थे, वे अब अपना पार्टी बदलकर भाजपा से जुड़ गए हैं. उन्होंने खास तौर पर सुबिनय मुखर्जी, नरहरि महतो और जयदेव मंडल जैसे नेताओं का नाम लेते हुए कहा कि, वे पहले लाल झंडा थामते थे, और अब वे भगवा झंडा थामकर पुरुलिया के लोगों को गुमराह कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि, ये नई बोतलों में पुरानी शराब है.अभिषेक ने वादा किया कि अगले छह महीनों में जिले के अलग-अलग हिस्सों में आईटीआई पॉलिटेक्निक कॉलेज और सुपर-स्पेशियलिटी हॉस्पिटल की मांगें पूरी कर दी जाएंगी. उन्होंने कहा, “अगर पुरुलिया 9-0 से जीतता है, तो बंगाल की जनता की सभी मांगों को पूरा करने की जिम्मेदारी उनकी होगी.तृणमूल कांग्रेस जंगलमहल इलाके में अपनी खोई हुई जमीन वापस पाने के लिए बेताब है. ऐसे में, पुरुलिया में एक रैली को संबोधित करते हुए अभिषेक बनर्जी ने स्थानीय लोगों को एक संदेश दिया कि, किसी भी व्यक्ति के प्रति गुस्से की वजह से पार्टी से मुंह न मोड़ें.बुधवार को अभिषेक बनर्जी ने पुरुलिया के हुरा ब्लॉक के लाधुरका में चंद्रेश्वर मैदान में एक रैली की. वहां उन्होंने माना कि लोग पार्टी के एक हिस्से के जमीनी लेवल पर बर्ताव से नाराज हो सकते हैं. इस गुस्से को दूर करने के लिए उन्होंने सीधे ‘एक दाके अभिषेक’ (वन कॉल टू अभिषेक) पहल की बात की.उन्होंने कहा कि, स्थानीय स्तर पर उम्मीदवार या नेता कोई भी हो, लोगों को सीधे ममता बनर्जी को और पुरुलिया के पूरे विकास के लिए वोट देना चाहिए. हालांकि पिछले आम चुनाव में पुरुलिया लोकसभा सीट पर तृणमूल के नतीजे उम्मीद के मुताबिक नहीं थे, लेकिन डायमंड हार्बर से सांसद ने आंकड़े पेश किए, जिनसे पता चलता है कि विधानसभा सीटों के नतीजों के आधार पर पार्टी मजबूत स्थिति में है.उन्होंने कहा कि, 2019 में टीएमसी एक सीट पर आगे थी, लेकिन 2024 के लोकसभा चुनाव के नतीजों के आधार पर, तृणमूल कांग्रेस पुरुलिया की 9 विधानसभा सीटों में से छह पर आगे है. उन्होंने कहा कि, आने वाले चुनावों में, पुरुलिया के विकास को तेज करने के लिए यह 6-3 या 7-2 नहीं, बल्कि 9-0 होना चाहिए. ट्रैफिक सिग्नल का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि, लाल या केसरिया का मतलब रुकना है, और हरा का मतलब आगे बढ़ना है. इसलिए, उन्होंने पुरुलिया को फिर से हरे रंग से रंगने की मांग की.
