युद्ध और बातचीत दोनों के लिए तैयार है ईरान,ट्रंप ने भी कर दी बड़ी ऐलान
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ चल रहे युद्ध को लेकर बड़ा दावा किया है. उन्होंने कहा कि अमेरिका यह युद्ध बहुत जल्द जीत जाएगा. ट्रंप ने यह भी कहा कि अमेरिका में होने वाले मिडटर्म इलेक्शन से पहले ईरान पर फिर से हमले किए जा सकते हैं. हालांकि, उन्होंने यह नहीं बताया कि हमला कब होगा. ट्रंप ने रविवार को PGA टूर प्रेसीडेंट्स कप के दौरान फॉक्स न्यूज से बात की. उन्होंने कहा कि जैसे ही युद्ध खत्म होगा, दुनिया में तेल की कीमतें बहुत नीचे गिर जाएंगी. उनके मुताबिक, कीमतें युद्ध शुरू होने से पहले के स्तर तक पहुंच सकती हैं.ट्रंप ने कहा कि अमेरिका का सबसे बड़ा लक्ष्य ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकना है. उन्होंने परमाणु हथियारों को रोकने को पूरे मामले का सबसे अहम हिस्सा बताया. जब ट्रंप से पूछा गया कि क्या मिडटर्म इलेक्शन से पहले ईरान पर फिर सैन्य कार्रवाई हो सकती है, तो उन्होंने कहा, यह संभव है, लेकिन वह इस बारे में कुछ और नहीं बताना चाहते.

ट्रंप ने ऑपरेशन इकोनॉमिक आउटकास्ट का जिक्र करते हुए कहा कि अमेरिका ईरान पर सैन्य दबाव और आर्थिक प्रतिबंध, दोनों के जरिए आगे बढ़ रहा है. उन्होंने दावा किया कि अमेरिका सैन्य स्तर पर पहले ही जीत चुका है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि कार्रवाई रुक गई है.ट्रंप ने ईरान की अर्थव्यवस्था पर भी बड़ा दावा किया. उन्होंने कहा कि ईरान की अर्थव्यवस्था पूरी तरह बर्बाद हो गई है. उनके मुताबिक, ईरान में महंगाई करीब 300% तक पहुंच गई है और उन्हें सुबह मिली जानकारी में यह आंकड़ा 318% बताया गया था. उन्होंने ईरान की मुद्रा, अर्थव्यवस्था और सेना को गंभीर संकट में बताया.वहीं, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने NBC न्यूज के कार्यक्रम में कहा कि उनका देश अमेरिका के साथ युद्ध दोबारा शुरू होने के लिए पूरी तरह तैयार है. उन्होंने कहा कि ईरान डूम्सडे वॉर यानी बेहद बड़े और विनाशकारी युद्ध के लिए भी तैयार है.अराघची ने कहा कि ईरान को अमेरिका के मिडटर्म इलेक्शन की चिंता नहीं है. उसके लिए राष्ट्रीय हित सबसे जरूरी हैं. हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि ईरान कूटनीति के लिए तैयार है और शांति का कोई भी मौका नहीं छोड़ना चाहता. उन्होंने कहा कि ट्रंप ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को फिर खोलने के ईरान के प्रस्ताव को सार्वजनिक रूप से खारिज किया है. लेकिन इसकी आधिकारिक जानकारी अभी ईरान को कूटनीतिक माध्यम से नहीं मिली है.अराघची ने कहा कि ईरान चाहता है कि उसके फ्रीज किए गए पैसे और संपत्तियां वापस मिलें और उसे अपना तेल बेचने की अनुमति मिले. उनके मुताबिक, जून में हुए अस्थायी युद्धविराम के MoU में भी यही शर्तें थीं. हालांकि, बाद में दोनों पक्षों के हमलों के कारण यह समझौता टूट गया.
