रेलकर्मियों को मिलेगा इतना बोनस,बड़ा फैसला लेने जा रही है मोदी सरकार

 रेलकर्मियों को मिलेगा इतना बोनस,बड़ा फैसला लेने जा रही है मोदी सरकार
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देशभर के रेलकर्मियों के लिए त्‍यौहारों से पहले बड़ी खबर है. हर साल मिलने वाली बोनस की राशि इस साल 3 गुना तक बढ़ सकती है. इसके लिए इंडियन रेलवे इम्प्लाइज फेडरेशन ( IREF) और ईस्ट सेंट्रल रेलवे इम्प्लाइज यूनियन (ECREU) ने सरकार को पत्र लिखा है. NDTV के पास पत्र की एक प्रति है, जिसमें इस मांग के पीछे कैलकुलेशन भी बताया गया है. प्रस्‍ताव को लेक ECREU ने 21 सितंबर की तैयारी के बारे में भी चेताया है. फेस्टिव सीजन की शुरुआत हो चुकी है, जन्‍माष्‍टमी, रक्षाबंधन और गणेश चतुर्थी के बाद अगले महीने दुर्गा पूजा है, और फिर दीवाली. इस बीच देशभर के सरकारी कर्मचारियों को बेस‍ब्री से ‘फेस्टिव बोनस’ का इंतजार है. रेलकर्मी भी इस PLB यानी प्रोडक्‍शन लिंक्‍ड बोनस का इंतजार कर रहे हैं. सवाल है कि क्‍या पिछले 10 सालों की तरह इस साल भी बोनस के नाम पर 7,000 रुपये न्‍यूनतम वेतन के आधार पर कैलकुलेशन किया जाएगा? क्या पिछले कुछ वर्षों की तरह 17,951 रुपये ही मिलेंगे? रेलकर्मियों को ऐसा मंजूर नहीं है. उनकी मांग है कि 10 साल से चले आ रहे इस ढर्रे में बदलाव किया जाए और बोनस को बढ़ाकर दिया जाए. बता दें कि सामान्‍य कर्मचारियों को करीब एक माह का वेतन तय फॉर्मूले (18,000 × 30 ÷ 30.4) के तहत दिया जाता है, जबकि रेल कर्मचारियों को 78 दिन का बोनस दिया जाता है. न्‍यूनतम वेतन 7,000 रुपये मानकर रेलकर्मियों के लिए ये बोनस 17,951 रुपये बनता है.

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लेकिन अब चूंकि न्‍यूनतम वेतन में केंद्र ने बदलाव किया है, इसलिए बोनस उसी आधार पर दिए जाने की मांग की जा रही है. श्रम और रोजगार मंत्रालय की ओर से 25 अगस्त 2026 को जारी किए गए नोटिफिकेशन में, वेतन संहिता, 2019 (Code on Wages, 2019) की धारा 26 की उप-धारा (1) और (3) के तहत स्पष्ट किया गया है कि जहां बोनस के लिए पात्र किसी कर्मचारी का वेतन 7,000 रुपये प्रति माह से ज्‍यादा है, वहां बोनस का कैलकुलेशन ‘7,000 रुपये प्रति माह या केंद्र सरकार द्वारा तय न्यूनतम वेतन (इन दोनों में से जो भी अधिक हो)’ के आधार पर की जाएगी. AINPSF के राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष डॉ मंजीत पटेल के मुताबिक, यदि सरकार केंद्रीय कर्मचारियों को 18,000 रुपये के न्यूनतम वेतन के आधार पर बोनस का भुगतान करे तो ये राशि सामान्‍य कर्मचारियों के लिए 18,000 × 30 ÷ 30.4= 17,763.00 रुपये बनता है. वहीं 21,000 रुपये के आधार पर 20,723.68 रुपये बनेगा. रेल कर्मचारियों के लिए इसी आधार पर ज्‍यादा वेतन बनेगा. इस संबंध में ईस्ट सेंट्रल रेलवे इम्प्लाइज यूनियन ( ECREU) ने सरकार और कैबिनेट सचिव को पत्र लिखा है. संगठन ने लिखा है कि अब तक रेलवे में न्यूनतम वेतन 7,000 मानकर बोनस 78 दिन का 17,951 रुपये दिये जाते हैं. संगठन ने कहा, ‘कोल इंडिया में इंडस्ट्रियल बोनस मिलता है, जबकि रेल, डाक-तार विभागों में प्रोडक्टिविटी लिंक्ड बोनस (PLB) मिलता है और यह एक महीने के न्यूनतम वेतन के आधार पर बोनस मिलता है, जो अब तक 7000 रुपये था.अब केंद्रीय श्रम मंत्रालय ने हाल में ही गजट नोटिफिकेशन करके न्यूनतम वेतन 21,000 रुपये तय किया है. तो रेलकर्मियों को उसी को आधार मानकर PLB(बोनस) का भुगतान किया जाना चाहिए. रेल कर्मचारी संगठन ECREU ने बोनस कैलकुलेशन में सुधार नहीं होने पर प्रदर्शन की भी चेतावनी दी है. पत्र में संगठन का कहना है कि रेल मंत्रालय और केंद्र सरकार ने हमारे प्रस्‍ताव पर अपनी राय स्‍पष्‍ट नहीं की है. ऐसे में देशभर के रेलकर्मी तैयार हो जाएं तो ये तुरंत हो जाएगा. इस मुद्दे पर ECREU अपनी कोशिश जारी रखते हुए 21 सितंबर को पूर्व मध्य रेलवे के सभी शाखा मुख्यालयों और कार्यस्थलों पर धरना प्रदर्शन करेगी. संगठन ने उम्‍मीद जताई है कि बोनस(PLB) में सुधार को लेकर रेलवे जरूर विचार करेगा.

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