तेजस्वी के राजभवन मार्च पर भड़की भाजपा,बोले संजय सरावगी-वो अपना राजनीतिक करियर बचाओ मार्च कर रहे हैं
तेजस्वी यादव के होने वाले मार्च पर बिहार भाजपा अध्यक्ष संजय सरावगी ने कहा, “यह तेजस्वी यादव का राजनीतिक करियर बचाओ मार्च है. आम जनता ने इनका नकार दिया है. राजद का बिहार से लगभग सूपड़ा साफ हो गया है. इनको बिहार से कोई मतलब नहीं है. ये महीनों-महीनों दिन बिहार से गायब रहते हैं. ये नेता प्रतिपक्ष हैं तो इनको सदन में दिखना चाहिए मगर सदन के सत्र से गायब रहते हैं. ये अपना राजनीतिक करियर बचाओ मार्च कर रहे हैं.”उन्होंने कहा, जहां तक मुद्दा है, सिवान में जवान भीड़ में फंस गया था तो उसने आत्मरक्षा के लिए हवाई फायरिंग की थी मगर उसे निलंबित कर दिया गया है और कार्रवाई चल रही है. हम लोगों ने बिहार में पेपर लीक पर विधानसभा में सबसे कड़ा कानून बनाया… तेजस्वी यादव के पिता ने और इनकी पार्टी ने दशकों तक राज किया है, इन्होंने क्या कानून बनाया है? इनके जमाने में कितने पेपर लीक हुए, इन्होंने क्या किया, कुछ नहीं किया…तेजस्वी यादव का राजनीतिक करियर बचाओ मार्च है और अगर छात्रों की बात है तो इनको झारखंड में मार्च करना चाहिए था…”उधर, पटना में छात्र अनिश्चितकालीन ‘छात्र न्याय सत्याग्रह’ पर बैठे हैं.

छात्रों की मांगें TRE-4 और दूसरी लंबित परीक्षाओं को लेकर हैं. TRE-4 बिहार में सरकारी शिक्षकों की भर्ती की परीक्षा है. TRE-4 परीक्षा के लिए जल्द नोटिफिकेशन भी छात्रों की मांग थी, जिसे सरकार ने फौरन मान लिया और नोटिफिकेशन जारी कर दिया. TRE-4 के तहत कुल 32 हजार 388 पदों पर भर्ती की जाएगी. 1 सितंबर से आवेदन शुरू होगा, अंतिम तारीख 30 सितंबर है, लेकिन छात्रों ने आंदोलन जारी रखने का फैसला किया है. छात्रों की मांग है कि TRE-4 में सिर्फ एक ही परीक्षा होनी चाहिए. सरकार को जो भी नया प्रयोग करना है, वह TRE-5 से करे. अभ्यर्थी TRE-4 में डोमिसाइल नीति लागू करने भी मांग कर रहे हैं।
