क्या अब बनेगी प्रदर्शनकारियों से बात?NTA के 47 अधिकारी बर्खास्त

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नीट पेपर लीक पर हंगामा और प्रदर्शन के बीच केंद्र सरकार परीक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए लगातार कदम उठा रही है और आंदोलनकारियों की मांगों को पूरा करने की कोशिश कर रही है. पिछले 24 घंटे में स्थिति सामान्य करने के लिए सरकार की ओर से छह बड़े फैसले लिए गए हैं. केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह ने 26 दिनों से भूख हड़ताल कर रहे कार्यकर्ता सोनम वांगचुक से बातचीत कर उनका अनशन तोड़वाने में सफल रहे और धरना दे रहे कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के साथ दो बार बैठक कर चुके हैं.तीसरे दौर की बैठक शनिवार को प्रस्तावित है, हालांकि CJP ने धमकी दी है कि यदि बातचीत विफल रही तो वे लोग फिर से एक और संसद मार्च का ऐलान कर सकते हैं. इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया पर वीडियो संदेश जारी कर सोनम वांगचुक के अनशन तोड़ने पर खुशी जाहिर की और आंदोलनरत छात्रों को आश्वासन दिया कि दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी. बाद में पीएम मोदी ने शुक्रवार की रात को दूसरा वीडियो जारी किया और वीडियो पर लोगों ने जिस प्रकार से रिस्पॉस किया. उसके लिए धन्यवाद दिया.

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दूसरी ओर,जंतर-मंतर पर धरना दे रहे कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के समर्थक केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर अड़ी हुई है. इसके साथ ही विपक्ष भी संसद से लेकर सड़क पर हंगामा कर रहा है. संसद में विपक्ष का लगातार हंगामा चल रहा है. संसद की कार्यवाही लगातार पांचवें दिन हंगामे की भेंट चढ़ गई. विपक्ष भी धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे, दोषियों के खिलाफ कार्रवाई और माफी पर अड़ी हुई है. सड़क पर भी आंदोलन चल रहा है. आइए जानते हैं कि नीट पेपर लीक मामले में सरकार ने अभी तक क्या-क्या बड़े फैसले लिए हैं.सोनम वांगचुक ने गुरुग्राम के मेदांता हॉस्पिटल में अपनी 26 दिन की भूख हड़ताल खत्म कर दी. पेपर लीक के खिलाफ वह 28 जून से जंतर-मंतर पर युवाओं के “कॉकरोच” प्रोटेस्ट के साथ एकजुटता दिखाने के लिए भूख हड़ताल कर रहे थे. वांगचुक ने केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और डॉ जितेंद्र सिंह के हस्तक्षेप के बाद हड़ताल तोड़ी. इसके बाद केंद्र सरकार ने छात्रों की मुख्य मांगों पर लिखित आश्वासन दिया. उसके बाद आधी रात को वांगचुक ने अपना अनशन तोड़ दिया.सोनम वांगचुक के साथ सरकार ने औपचारिक रूप से इन शर्तों पर सहमति जताई. कोई कानूनी कार्रवाई नहीं होगी. शांतिपूर्ण छात्र प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कोई पुलिस कार्रवाई या केस दर्ज नहीं होगा. इसके साथ ही सरकार की ओर यह आश्वासन दिया गया कि परीक्षा में गड़बड़ियों और NTA टेस्टिंग में बड़े सुधारों पर चल रहे मानसून सेशन में आधिकारिक तौर पर चर्चा की जाएगी.केंद्र ने पीड़ितों के परिवारों को मुआवजा देने और NEET पेपर लीक विरोध प्रदर्शन में शामिल स्टूडेंट एक्टिविस्ट के खिलाफ कानूनी केस माफ करने के लिए पॉजिटिव मंजूरी दे दी है.CJP के प्रतिनिधियों के साथ बातचीत में केंद्र सरकार की ओर से यह आश्वासन दिया गया है. परीक्षा के कारण दुखद रूप से आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों के लिए उचित आर्थिक मुआवजे पर विचार करने पर सरकार ने सहमति जताई.नीट पेपर लीक और प्रदर्शन के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एग्जाम में गड़बड़ी को लेकर जोरो टॉलरेंस का वादा किया. एक वीडियो संदेश में प्रधानमंत्री ने डेडिकेटेड फास्ट-ट्रैक कोर्ट तुरंत बनाने का निर्देश दिया, ताकि तेजी से ट्रायल हो और सिंडिकेट लीडर को जल्दी सजा मिले.पेपर लीक के खिलाफ सरकार ने कड़े कदम उठाए का ऐलान किया है. मंत्रिमंडल की बैठक में इस विधेयक को मंजूरी दी गई. कैबिनेट ने पब्लिक एग्जामिनेशन (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) एक्ट को और कड़ा करने के लिए बड़े पैमाने पर कानूनी सुधार शुरू किए.आने वाले लेजिस्लेटिव बदलावों में पूरी तरह से रोकने के लिए सख्त सजा के उपाय शामिल हैं. इसके तहत एग्जाम के पेपर लीक करने की साजिश में दोषी पाए जाने वाले लोगों या संस्थाओं को 10 साल तक की सजा और 10 करोड़ रुपए तक का भारी जुर्माना भरना पड़ सकता है.केंद्र सरकार ने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के सिस्टम में बड़े बदलाव का ऐलान किया है. 47 अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से बर्खास्त कर दिया गया. इनमें से कुछ अफसरों के खिलाफ कानूनी के साथ-साथ क्रिमिनल कार्रवाई भी की जाएगी.NTA के डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को पूरी तरह से बदलने, डेटा सिक्योरिटी प्रोटोकॉल पर सवाल उठाने और ऑपरेशनल ट्रांसपेरेंसी के लिए एक्सपर्ट्स की एक हाई-लेवल इंडिपेंडेंट कमेटी बनाई जा रही है.इसके साथ ही शिक्षा विभाग ने उच्च शिक्षा विभाग के सचिव विनीत जोशी को उनके पद से हटा दिया था और उनकी जगह नरेश पाल गंगवार को उच्च शिक्षा विभाग का नया सचिव नियुक्त किया गया है.इससे पहले नीट पेपर लीक के आरोपों के बाद सरकार ने एक्शन लिया और पारदर्शिता और मेधा को महत्व देते हुए परीक्षा स्थगित की और फिर से परीक्षा कराने का आदेश दिया. जांच सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (CBI) को सौंप दी, जिसने एक डेडिकेटेड स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) बनाई.CBI ने तेजी से जांच शुरू की और प्रश्न पत्र लीक करने वाले नेटवर्क का खुलासा किया. 13 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया. इसके साथ ही सरकार की ओर से फिर से नीट परीक्षा आयोजित की गई और निर्धारित समय में उसका रिजल्ट प्रकाशित हुआ. स्टूडेंट्स की एडमिशन प्रक्रिया शुरू हुई.

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