उफान पर पहुंचा सिकरहना नदी,बिहार में आएगी तबाही?
नेपाल में लगातार हो रही भारी बारिश का असर अब बिहार के सीमावर्ती इलाकों में साफ दिखाई देने लगा है. पूर्वी चंपारण जिले के सुगौली प्रखंड में बहने वाली सिकरहना नदी उफान पर है, जिससे नदी किनारे बसे गांवों में कटाव तेज हो गया है. सबसे अधिक चिंता लालपरसा दक्षिणी टोला गांव के ग्रामीणों को सता रही है, जहां करीब आधा दर्जन परिवारों के घर नदी के कटाव की जद में आ गए हैं. ग्रामीण दिन-रात भय के साए में जी रहे हैं और किसी भी समय घर नदी में समाने की आशंका से परेशान हैं.ग्रामीणों का कहना है कि पिछले कई वर्षों से सिकरहना नदी लगातार कटाव कर रही है, लेकिन अब तक स्थायी कटावरोधी कार्य नहीं कराया गया. पहले जो पाइलिंग कराई गई थी, वह भी नदी के तेज बहाव में क्षतिग्रस्त हो चुकी है. पिछले दो वर्षों में यहां करीब 10 फीट तक जमीन का कटाव हो चुका है, जिससे नदी की धारा कई घरों के बेहद करीब पहुंच गई है.ग्रामीण सुमन पटेल ने बताया कि दो वर्ष पहले उनके घर का आधा हिस्सा नदी में समा गया था.

अब बचा हुआ हिस्सा भी खतरे में है. वहीं ढोढ़ाई पटेल के घर से नदी की दूरी महज दो फीट रह गई है, जिससे पूरा परिवार हर समय दहशत में रहता है.ग्रामीण कृपा देवी ने बताया कि दो साल पहले उनके घर का आधा हिस्सा नदी में बह गया था. चापाकल और आंगन भी कटाव की भेंट चढ़ चुके हैं. अब बचे हुए मकान के भी कभी भी नदी में समा जाने का डर बना हुआ है. उन्होंने कहा कि उनके पास दूसरी जमीन नहीं है और अब तक कोई जनप्रतिनिधि या अधिकारी उनकी सुध लेने नहीं पहुंचा है.वहीं रोहित कुमार ने बताया कि उनके घर से नदी की दूरी अब करीब डेढ़ फीट रह गई है. रात के समय मिट्टी धंसने और बड़े-बड़े हिस्सों के नदी में गिरने की आवाज सुनकर पूरा परिवार जागता रहता है. कई बार जान बचाने के लिए पड़ोसियों के यहां शरण लेनी पड़ती है. पीड़ित महिलाओं का कहना है कि “पूरी रात जागकर गुजारते हैं कि कहीं घर नदी में न समा जाए. हमारी सुध लेने वाला कोई नहीं है.”सिकरहना नदी का बढ़ता जलस्तर अब केवल लालपरसा दक्षिणी टोला तक सीमित नहीं है. नदी का पानी सपहा, कैथवलिया, लालपरसा दक्षिण टोला, मधुमालती, भवानीपुर, लक्ष्मीपुर, रौशनपुर सपहा समेत करीब 10 गांवों में सड़क पर बह रहा है. इससे लोगों का आवागमन प्रभावित हो गया है और ग्रामीणों को रोजमर्रा के कार्यों के लिए भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है.नेपाल में लगातार हो रही बारिश को देखते हुए जिला प्रशासन भी अलर्ट मोड में है. स्थानीय जनप्रतिनिधियों के संपर्क में रहकर प्रशासन सिकरहना नदी के तटबंधों की लगातार निगरानी कर रहा है. हालांकि ग्रामीणों का कहना है कि निगरानी के साथ-साथ स्थायी कटावरोधी उपाय भी जल्द किए जाने चाहिए, ताकि हर साल आने वाली इस आपदा से लोगों को राहत मिल सके.स्थानीय लोगों ने सरकार से मांग की है कि प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत, सुरक्षित पुनर्वास और मजबूत कटावरोधी कार्य उपलब्ध कराए जाएं. उनका कहना है कि यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो आने वाले दिनों में कई घर नदी में समा सकते हैं और स्थिति और गंभीर हो सकती है.
