सोनिया गांधी के बयान पर भड़की बीजेपी,बोली-इजराइल पर हुए हमलों पर चुप क्यों है कांग्रेस?
भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने शनिवार को गाज़ा संघर्ष पर कांग्रेस नेता सोनिया गांधी के लेख को लेकर उन पर प्रहार करते हुए आरोप लगाया कि उन्होंने भारत के रुख को गलत तरीके से पेश किया है. बीजेपी ने सवाल किया कि क्या कांग्रेस हिजबुल्लाह और हमास जैसे आतंकवादी संगठनों को परोक्ष रूप से कवर फ़ायर दे रही है.सत्तारूढ़ पार्टी ने कहा कि भारत ने गाजा और फिलिस्तीन के मुद्दे पर लगातार अपना रुख स्पष्ट किया है, मानवीय सहायता उपलब्ध कराई है और युद्धविराम की मांग वाले संयुक्त राष्ट्र के प्रस्तावों के पक्ष में मतदान किया है.बीजेपी की यह प्रतिक्रिया द इंडियन एक्सप्रेस में शनिवार को प्रकाशित सोनिया गांधी के उस लेख के बाद आई, जिसमें उन्होंने आरोप लगाया था कि इजराइल द्वारा गाजा में किए जा रहे नरसंहार पर मोदी सरकार की चुप्पी और निष्क्रियता न केवल नैतिक रूप से निंदनीय है, बल्कि राष्ट्रीय हित के दृष्टिकोण से भी समझ से परे है. कांग्रेस संसदीय दल की प्रमुख सोनिया गांधी ने दावा किया कि भारत ने खुद को अपने पारंपरिक सहयोगियों- फिलिस्तीन, ईरान और वृहद पश्चिम एशिया से अलग-थलग कर लिया है, वैश्विक जनमत से दूरीबना ली है और पाकिस्तान को मध्यस्थ की भूमिका निभाने का अवसर दे दिया है. इस लेख पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए, बीजेपी प्रवक्ता और राज्यसभा सदस्य सुधांशु त्रिवेदी ने आरोप लगाया कि गांधी कट्टरपंथी मतों को लुभाने की कोशिश कर रही हैं.उन्होंने यह सवाल भी उठाया कि गाजा को लेकर हंगामा करने वाली कांग्रेस, अक्टूबर 2023 में इजराइल पर हुए हमलों पर चुप क्यों रही. सुधांशु त्रिवेदी ने एक्स पर पोस्ट किया, इंडी गठबंधन के अप्रासंगिक हो जाने के बाद, अब खत्म हो चुके संप्रगन की पहली और आखिरी अध्यक्ष सोनिया गांधी ने गाजा पर दुख जताकर एक बार फिर कट्टरपंथी वोटों की राजनीति का रुख किया है.उन्होंने पूछा, देश जानना चाहता है और कांग्रेस को यह साफ़ करना चाहिए: क्या अक्टूबर 2023 के नरसंहार पर चुप रहकर और गाजा को लेकर हंगामा मचाकर, कांग्रेस इस लेख के जरिए हिजबुल्लाह और हमास जैसे आतंकवादी संगठनों को परोक्ष रूप से ‘कवर फायर’ दे रही है?सुधांशु त्रिवेदी ने दावा किया कि सोनिया गांधी को यह गलतफ़हमी है कि गाजा पर दुख जताकर कांग्रेस सत्ता से बाहर होने की निराशा से उबर जाएगी या प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रभाव को कम कर पाएगी. उन्होंने पूछा कि जब ईरान ने खुद पीएम मोदी को आमंत्रित किया है, तो ईरान के साथ अच्छे संबंधों का इससे बेहतर सबूत और क्या हो सकता है?सुधांशु त्रिवेदी ने कांग्रेस पर बांग्लादेश और पाकिस्तान में हिंदुओं की हत्याओं पर चुप रहने का आरोप भी लगाया. अन्य बीजेपी प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने आरोप लगाया कि इससे एक बार फिर साबित हो गया कि कांग्रेस के लिए विदेश नीति से अधिक वोट बैंक की राजनीति महत्वपूर्ण है.उन्होंने एक वीडियो बयान में कहा कि सोनिया गांधी अपने लेख के माध्यम से लोगों को गुमराह करने और वास्तविक सच्चाई छिपाने की कोशिश कर रही हैं.

सच्चाई यह है कि भारत ने गाजा और फिलिस्तीन के मुद्दे पर कई अवसरों पर अपना स्पष्ट रुख रखा है और ठोस मानवीय सहायता भी उपलब्ध कराई है.पूनावाला ने कहा कि युद्धविराम संबंधी संयुक्त राष्ट्र के प्रस्तावों के समर्थन में भारत का रुख स्पष्ट रूप से दिखाई देता है. उन्होंने यह भी जिक्र किया कि पीएम मोदी को फिलिस्तीन का सर्वोच्च नागरिक सम्मान भी प्रदान किया जा चुका है. पीएम की कूटनीतिक पहल का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि मोदी वैश्विक संघर्षों में आमने-सामने खड़े देशों के साथ भी समान रूप से संबंध बनाए रखने में सफल रहे हैं.उन्होंने कहा कि पीएम मोदी ही ऐसे नेता हैं, जिन्होंने एक साथ इजराइल और फिलिस्तीन, अमेरिका और रूस तथा यूक्रेन और पश्चिमी देशों और ईरान, सभी के साथ संवाद बनाए रखा है. यह गुटनिरपेक्षता की नहीं, बल्कि सभी के साथ जुड़ाव की नीति है. पूनावाला ने यह भी कहा कि पीएम मोदी को दुनिया के विभिन्न देशों से 30 से अधिक सर्वोच्च नागरिक सम्मान मिल चुके हैं, जिनमें बड़ी संख्या मुस्लिम बहुल देशों द्वारा दिए गए सम्मानों की है.उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकारों ने अपनी वोट बैंक की राजनीति के कारण कभी इजराइल के साथ संबंध विकसित नहीं किए. पूनावाला ने आरोप लगाया, समस्या यह है कि कांग्रेस हमेशा विदेश नीति में भी वोट बैंक की राजनीति करती है. इसी राजनीति के कारण उसने कभी इजराइल के साथ संबंध विकसित नहीं किए. यही पार्टी लगातार हमास के पक्ष में बोलती है, उसकी प्रशंसा करती है, उसे मंच देती है और उसके प्रति सहानुभूति जताती है, लेकिन उसने आज तक इजराइल पर हुए आतंकवादी हमलों की स्पष्ट शब्दों में निंदा नहीं की.बीजेपी प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि कांग्रेस गाजा और रफा के मुसलमानों के लिए तो आवाज उठाती है, लेकिन ढाका में हिंदुओं के मुद्दे पर चुप्पी साध लेती है. उन्होंने कहा, यह दर्शाता है कि कांग्रेस की विदेश नीति भी वोट बैंक की राजनीति के गणित से संचालित होती है. सोनिया गांधी ने अपने लेख में कहा कि भारतीय राष्ट्रवाद की भावना यह मांग करती है कि भारत उन फिलिस्तीनियों के पक्ष में आवाज उठाए, जिनके बच्चों को बहुत निर्ममता से निशाना बनाया गया है.उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय हित की दृष्टि से भी भारत को गाजा में इजराइली शासन की नरसंहार कार्रवाई तथा वेस्ट बैंक में लाखों फिलिस्तीनी परिवारों के निर्मम विस्थापन और बेदखली के खिलाफ बने वैश्विक जनमत का समर्थन करते हुए अपनी प्रतिक्रिया देनी चाहिए.
