पटना में जमीनों के रेट सुनकर उड़ जाएंगे आपके होश,दोगुना हुआ सर्किल रेट तो लोगों की बढ़ी चिंता
जमीन खरीदने और उसकी रजिस्ट्री कराने वालों पर अब बड़ा आर्थिक बोझ पड़ने वाला है. राज्य सरकार ने जमीन के सर्किल रेट (एमवीआर) में बड़े पैमाने पर बढ़ोतरी करते हुए नई दरें लागू कर दी हैं. शहरी क्षेत्रों में सर्किल रेट को सीधे दोगुना कर दिया गया है, जबकि ग्रामीण इलाकों में इसमें 1.6 गुना तक बढ़ोतरी की गई है. इसके साथ ही स्टांप ड्यूटी भी 6 प्रतिशत से बढ़ाकर 7 प्रतिशत कर दी गई है. नई दरें शुक्रवार से पूरे राज्य में लागू हो गई हैं.इस फैसले का सबसे बड़ा असर राजधानी पटना में देखने को मिलेगा. राजाबाजार, बोरिंग रोड, फ्रेजर रोड, डाकबंगला, गांधी मैदान और बेली रोड जैसे प्रमुख व्यावसायिक इलाकों में जमीन की सरकारी कीमत अब 2.50 करोड़ रुपये प्रति कट्ठा तक पहुंच गई है. पहले इन इलाकों में सर्किल रेट 1.25 करोड़ रुपये प्रति कट्ठा था. वहीं पाटलिपुत्र और बोरिंग रोड जैसे पॉश आवासीय क्षेत्रों में एक कट्ठा जमीन की सरकारी कीमत 1.09 करोड़ रुपये से बढ़कर 2.18 करोड़ रुपये हो गई है.पटना जमीन की सर्किल दर बढ़ने का राजधानी पटना में व्यापक असर दिखेगा. डाकबंगला समेत 12 व्यावसायिक इलाकों में प्रधान सड़कों के पास की सर्किल रेट 2.50 करोड़ रुपए प्रति कट्ठा हो गई है. वहीं मुख्य सड़कों के पास की एक कट्ठा आवासीय जमीन की कीमत 1.43 करोड़, जबकि सहायक सड़क के पास की आवासीय जमीन की कीमत 95.15 लाख से बढ़कर 1.31 हो गई है. पाटलिपुत्र और बोरिंग रोड में अब एक कट्ठा जमीन की कीमत 2.18 करोड़ रुपये हो गई है.पाटलिपुत्र और बोरिंग रोड समेत शहर के पांच पॉश इलाकों की जमीन की कीमत 1.09 करोड़ से बढ़कर 2.18 करोड़ प्रति कट्ठा हो गई है.

इसी तरह जक्कनपुर, मीठापुर जैसे 8 इलाकों में व्यावसायिक प्रधान सड़क के पास की जमीन की कीमत 93.75 लाख प्रति कट्टा से बढ़कर 1.87 करोड़ हो गई है.सरकार के फैसले के बाद जमीन की रजिस्ट्री भी महंगी हो जाएगी. गांधी मैदान और आसपास के वीवीआईपी इलाकों में एक कट्ठा जमीन की रजिस्ट्री कराने के लिए अब करीब 27.50 लाख रुपये तक का शुल्क देना होगा. स्टांप ड्यूटी के अलावा 2 प्रतिशत निबंधन शुल्क और नगर निकाय क्षेत्र में स्थित संपत्तियों पर 2 प्रतिशत अतिरिक्त टैक्स भी देना होगा.मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग के सचिव अजय यादव के अनुसार शहरों में वर्ष 2016 और ग्रामीण क्षेत्रों में 2013 के बाद पहली बार सर्किल दरों में संशोधन किया गया है। सरकार ने यह भी तय किया है कि अब हर साल सर्किल रेट में 5 प्रतिशत की नियमित बढ़ोतरी की जाएगी.राज्य सरकार के इस फैसले से किसानों को भी फायदा होगा. सरकारी परियोजनाओं के लिए भूमि अधिग्रहण होने पर अब किसानों को पहले से अधिक मुआवजा मिलेगा. राज्य सरकार की परियोजनाओं में भूमि अधिग्रहण का अनुमानित मुआवजा 14,897 करोड़ रुपये से बढ़कर 18,637 करोड़ रुपये हो जाएगा, जबकि केंद्र की परियोजनाओं के लिए यह राशि 24,629 करोड़ रुपये से बढ़कर 39,460 करोड़ रुपये तक पहुंच सकती है.महिलाओं के लिए राहत की बात यह है कि उनके नाम पर जमीन की रजिस्ट्री कराने पर 5 प्रतिशत तक की छूट जारी रहेगी. सरकार का कहना है कि नई व्यवस्था से जमीन की कीमतों में पारदर्शिता आएगी, लेकिन आम लोगों के लिए घर और जमीन खरीदना पहले की तुलना में कहीं अधिक महंगा हो जाएगा.सरकार को इस फैसले से रजिस्ट्री और स्टांप शुल्क के जरिए अधिक राजस्व मिलेगा. हालांकि आम लोगों के लिए जमीन और मकान खरीदना अब और महंगा हो जाएगा. विशेषज्ञों का मानना है कि इसका असर रियल एस्टेट बाजार पर भी पड़ सकता है।
