अक्षय तृतीया पर आज करें भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की पूजा,मंत्र का करें जाप मनोकामना होगी पूरी

 अक्षय तृतीया पर आज करें भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की पूजा,मंत्र का करें जाप मनोकामना होगी पूरी
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अक्षय तृतीया का पावन पर्व आज यानी रविवार को बड़ी श्रद्धा के साथ मनाया जा रहा है. वैशाख मास की इस शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि का हिंदू धर्म में विशेष स्थान है क्योंकि इस दिन किए गए किसी भी शुभ कार्य का फल कभी समाप्त नहीं होता. इस पावन अवसर पर भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की आराधना की जाती है. आध्यात्मिक दृष्टि से यह दिन स्वयं को शुद्ध करने और मानसिक शांति प्राप्त करने के लिए सबसे उत्तम माना गया है. पूजा के दौरान सही विधि और मंत्रों का जाप करने से घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है. यह तिथि हमें सिखाती है कि यदि हम पूरे अनुशासन और पवित्र मन से ईश्वर की शरण में जाते हैं, तो हमारे जीवन के सभी कष्ट दूर हो जाते हैं.इस विशेष दिन पर भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए विशेष मंत्रों का जाप करना अत्यंत लाभकारी होता है. पूजा के समय “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” मंत्र का शांत मन से जाप करने से मानसिक क्लेश दूर होते हैं और बुद्धि में प्रखरता आती है. माता लक्ष्मी की कृपा पाने के लिए लक्ष्मी चालीसा या श्री सूक्त का पाठ करना भी बहुत शुभ माना जाता है. यदि आप मंत्रों का जाप कर रहे हैं, तो ध्यान रखें कि आपकी आवाज बहुत धीमी और स्पष्ट हो. मंत्रों की शक्ति हमारे अंतर्मन को सहजता की ओर ले जाती है और हमें सही राह दिखाती है. इस पावन दिन पर किए गए मंत्र जाप से मिलने वाला पुण्य अक्षय होता है, जो हमारे जीवन को सुखद और आनंदमय बनाने में सहायक सिद्ध होता है.अक्षय तृतीया की पूजा करते समय कुछ विशेष बातों का ध्यान रखना बहुत जरूरी है, नहीं तो पूजा का पूर्ण फल प्राप्त करने में बाधा आ सकती है. इस दिन घर के किसी भी कोने में गंदगी न रहने दें और मन में किसी के प्रति ईर्ष्या या क्रोध का भाव न लाएं.

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पूजा में हमेशा ताजे फूलों और शुद्ध घी के दीपक का ही उपयोग करें. तुलसी के पत्तों को बिना स्नान किए न तोड़ें, क्योंकि वे भगवान विष्णु को अत्यंत प्रिय हैं. सात्विक भोजन ग्रहण करें और कड़वी बातों से पूरी तरह दूर रहें, जिससे परिवार में मेल-जोल बना रहे. अनुशासन का पालन करना और बड़ों का आदर करना ही इस पर्व की असली सीख है. जब हम पवित्रता और संयम के साथ नियमों का पालन करते हैं, तो घर में सुख-शांति का स्थाई वास होता है.अक्षय तृतीया पर केवल पूजा ही नहीं, बल्कि अच्छे काम करने और दान देने का भी बहुत बड़ा महत्व बताया गया है. इस दिन अपनी मेहनत की कमाई का एक हिस्सा जरूरतमंदों की सेवा में लगाने का विचार करें. किसी भूखे को भोजन कराना या प्यासे को पानी पिलाना इस दिन सबसे बड़ा पुण्य माना जाता है. अपनी मधुर वाणी से सबका सम्मान करें और किसी का दिल न दुखाएं, जिससे आपके जीवन में खुशियों की वृद्धि हो. दान करते समय मन में घमंड बिल्कुल न लाएं, बल्कि इसे ईश्वर की सेवा समझकर करें. जब हम निस्वार्थ भाव से दूसरों की मदद करते हैं, तो हमारे जीवन के रुके हुए काम अपने आप बनने लगते हैं. यह दिन हमें एक बेहतर और दयालु इंसान बनने की सुंदर सीख देता है.

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