जानिए किन स्टेशनों के बीच दौड़ेगी पटना मेट्रो?जल्द शुरू होने जा रही है पटना फेज-2 मेट्रो
पटना मेट्रो का यह विस्तार शहर की सूरत बदलने वाला साबित होगा. वर्तमान में मलाही पकड़ी और कंकड़बाग जैसे इलाकों में वाहनों का भारी दबाव रहता है. मेट्रो के आने से न केवल प्रदूषण में कमी आएगी, बल्कि लोगों का कीमती समय भी बचेगा.प्रशासन की योजना है कि जैसे-जैसे ट्रैक तैयार होते जाएं, वैसे-वैसे परिचालन शुरू कर दिया जाए ताकि लोगों को पूरी प्रोजेक्ट खत्म होने का इंतजार न करना पड़े.मेट्रो प्रशासन ने फेज-2 के उद्घाटन के लिए अपनी तैयारी पूरी कर ली है. दूसरे फेज का आवाजाही शुरू होते ही पटना के चार प्रमुख स्टेशनों—पाटलिपुत्र बस टर्मिनल, जीरोमाइल, भूतनाथ और मलाही पकड़ी के बीच मेट्रो दौड़ने लगेगी. लगभग 6.2 किलोमीटर लंबे इस ट्रैक पर परिचालन शुरू होने से शहर के एक बड़े हिस्से को सीधा लाभ मिलेगा.विशेष रूप से अंतर्राज्यीय बस टर्मिनल आने-जाने वाले यात्रियों के लिए यह सेवा किसी वरदान से कम नहीं होगी, क्योंकि उन्हें अब घंटों ऑटो या रिक्शा के भरोसे नहीं रहना पड़ेगा.अधिकारियों के मुताबिक, भूतनाथ से मलाही पकड़ी के बीच 2.75 किलोमीटर का एलिवेटेड ट्रैक पूरी तरह तैयार है. इस रूट पर मेट्रो का ट्रायल रन पहले ही सफलतापूर्वक पूरा किया जा चुका है.

.उप सीएमआरएस (CMRS) प्रदीप कुमार के नेतृत्व में एक उच्चस्तरीय टीम ने ट्रैक और स्टेशनों का बारीकी से निरीक्षण किया है.वर्तमान में केवल फायर और सीएमआरएस का अंतिम सुरक्षा सर्टिफिकेट मिलना बाकी है, जिसके 26 मार्च से पहले मिल जाने की उम्मीद है. सुरक्षा मानकों की पुष्टि होते ही यह रूट आम जनता के लिए खोल दिया जाएगा.दूसरे फेज के उद्घाटन की आहट के साथ ही तीसरे चरण की तैयारी भी तेज हो गई है. अगले चरण में मेट्रो का विस्तार खेमनीचक से मीठापुर के बीच किया जाना है. इस रूट पर बिजली के खंभे (OHE) लगाने का काम शुरू हो चुका है और जल्द ही ट्रैक बिछाने की प्रक्रिया भी प्रारंभ हो जाएगी.इस रूट के तैयार होने के बाद खेमनीचक, जगनपुरा, रामकृष्णानगर और मीठापुर जैसे घनी आबादी वाले क्षेत्र भी मेट्रो नेटवर्क से जुड़ जाएंगे, जिससे पटना की पूरी ट्रांसपोर्ट व्यवस्था बदल जाएगी।पटना मेट्रो को नीतीश कुमार का दशक पुराना सपना माना जाता है। यह परियोजना पहली बार 11 जून 2013 को राज्य कैबिनेट द्वारा मंजूरी मिली थी। इसके बाद जून 2014 में केंद्र सरकार ने योजना को हरी झंडी दी। 17 फरवरी 2019 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पहले कॉरिडोर की नींव रखी। अगले दिन पटना मेट्रो रेल कॉरपोरेशन लिमिटेड (PMRCL) की स्थापना हुई थी।पटना मेट्रो का न्यूनतम किराया 15 रुपये (एक स्टेशन के लिए) तय किया गया है। यानी अगर आप आईएसबीटी से जीरो माइल तक जाते हैं तो आपको 15 रुपये खर्च करने होंगे। वहीं आईएसबीटी से भूतनाथ तक का सफर 30 रुपये में पूरा होगा।पटना मेट्रो के कोच बिहार की प्रसिद्ध मधुबनी कला से प्रेरित डिज़ाइन के साथ तैयार किए गए हैं, जो राज्य की सांस्कृतिक पहचान को दर्शाते हैं। प्रत्येक ट्रेन में 900 यात्री यात्रा कर सकते हैं। प्रत्येक कोच में 300 यात्री की क्षमता है। इस व्यवस्था से पीक आवर्स में भी यात्रियों को सहज यात्रा की सुविधा मिलेगी। फिलहाल, ट्रेन सेवाएं 20 मिनट के अंतराल पर उपलब्ध होंगी।
