दरभंगा के हरिनगर गांव में ब्राह्मणों पर हीं क्यों गिरी गाज?जानिए दलितों से जुड़ा हुआ पूरा विवाद

 दरभंगा के हरिनगर गांव में ब्राह्मणों पर हीं क्यों गिरी गाज?जानिए दलितों से जुड़ा हुआ पूरा विवाद
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दरभंगा जिले के कुशेश्वरस्थान थाना क्षेत्र के हरिनगर गांव में मजदूरी के बकाया पैसे को लेकर शुरू हुआ विवाद अब जातीय टकराव का रूप ले चुका है. 30 जनवरी से शुरू हुए इस मामले में मारपीट, गाली-गलौज, धमकी, घर में घुसकर तोड़फोड़ और लूटपाट जैसे गंभीर आरोप सामने आए हैं. घटना से जुड़ा एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें घर निर्माण के बकाया की मांग को लेकर दो पक्षों के बीच तनाव और झड़प की स्थिति दिखाई दे रही है.आरोप है कि 30 जनवरी को हेमकांत झा के बहन-बहनोई के रास्ते से गुजरने के दौरान कैलाश पासवान ने मजदूरी के बकाया लगभग 2 लाख 47 हजार रुपए की मांग को लेकर उनकी बाइक रोक दी, जिसके बाद कहासुनी, धक्का-मुक्की हुई. ग्रामीणों के हस्तक्षेप के बावजूद विवाद बढ़ता गया और बाद में पंचायत के दौरान भी तनाव बना रहा, जो 31 तारीख को पासवान और ब्राह्मण समाज के बीच हिंसक झड़प में बदल गया. ब्राह्मण समाज के लोगों पर आरोप है कि बड़ी संख्या में पहुंचकर पासवान टोला पर हमला कर दिया. दुकान और घर का सामान तोड़फोड़ दिया.

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हमले में 11 लोग जख्मी हो गए.ब्राह्मण समाज का कहना था कि रुपए का जो बकाया था, वो हेमकांत झा और कैलाश पासवान के बीच की थी, लेकिन हेमकांत की बहन और बहनोई को क्यों बीच रास्ते में रोक कर धक्का-मुक्की और अपमानित किया गया. ग्रामीण के समझाने पर भी उनके साथ भी धक्का-मुक्की की गई, जिसका लाइव वीडियो भी सामने आया है.वहीं पीड़ित पक्ष कैलाश पासवान का आरोप है कि मजदूरी मांगने पर दबंगों ने दलित परिवार पर हमला कर दिया, जिसमें 11 लोग घायल हुए और उनका इलाज डीएमसीएच में चल रहा है. अशर्फी पासवान द्वारा दिए गए आवेदन के आधार पर पुलिस ने 70 नामजद और 150 अज्ञात लोगों के खिलाफ SC/ST सहित गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है. इस मामले में अब तक 12 लोगों की गिरफ्तारी भी हो चुकी है, जिसकी पुष्टि खुद SDPO बिरौल ने की. उन्होंने भी रुपया बकाया से ही विवाद भड़कने की बात कही.वहीं दूसरे पक्ष का कहना है कि मूल विवाद केवल पैसों के लेन-देन का था, जिसे बाद में जातीय रंग दे दिया गया. उनका आरोप है कि मुकदमे में ऐसे लोगों को भी नामजद कर दिया गया है, जो गांव में मौजूद ही नहीं थे या बाहर रहते हैं. ये बातें खुद SC/ST के लिए काम करने वाले सामाजिक कार्यकर्ता ने भी माना है. उनकी मांग है कि जो दोषी हैं, उनका नाम छूटा हुआ है, उन्हें जोड़े और जो दोषी नहीं हैं, उनका नाम हटाया जाए.वहीं पूरे गांव का माहौल तनाव मय बना हुआ है. ब्राह्मण समाज की तरफ से जिनके मुकदमे में नाम हैं, वो फरार हैं. उन्हें गिरफ्तारी का डर है. वहीं घायलों का अस्पताल में इलाज चल रहा है. फिलहाल राज्य अनुसूचित जाति-जनजाति आयोग के अध्यक्ष धनंजय कुमार उर्फ मृणाल पासवान डीएमसीएच पहुंचे. इस दौरान हरिनगर गांव में हुई मारपीट की घटना में घायल मरीजों से मुलाकात की. उन्होंने कहा कि कुछ असामाजिक तत्वों ने छोटे विवाद को बड़ा रूप दे दिया, जबकि मामला महज पैसे के लेन-देन से जुड़ा था, जिसे बातचीत से सुलझाया जा सकता था.समाज में सौहार्द बिगाड़ने की कोशिश करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. अध्यक्ष धनंजय कुमार ने कहा कि इस घटना को देखकर ऐसा प्रतीत होता है कि मामला लगभग हिंसा का रूप ले चुका था, जिसमें दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए थे. अध्यक्ष ने कहा कि पीड़ितों को न्याय दिलाना आयोग की प्राथमिकता है. उन्होंने बताया कि सांसद चिराग पासवान ने भी उन्हें फोन कर स्वयं मौके पर जाकर मामले की जांच करने को कहा था. साथ ही बिहार सरकार के निर्देश पर भी वह स्वयं दरभंगा पहुंचे हैं।

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