बिहार में 1 करोड़ से ज्यादा लोगों ने पीएम आवास के लिए दिया आवेदन,जानिए कब मिलेगी राशि?
बिहार में प्रधानमंत्री आवास को लेकर इन दिनों सत्यापन को लेकर विशेष अभियान चलाया जा रहा है. विधानसभा चुनाव से पहले 2025 में एक करोड़ चार लाख 90000 लोगों ने प्रधानमंत्री आवास के लिए आवेदन दिया था. सरकार ने इसका सर्वे भी करवाया है और अब कड़ाई के साथ सत्यापन का काम चल रहा है.फिलहाल ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार इन दिनों दिल्ली में हैं. प्रधानमंत्री आवास योजना को लेकर ग्रामीण विकास मंत्री ने कहा कि अभी जांच का काम चल रहा है. 5 साल के लिए सूची तैयार की जाएगी. एक करोड़ 4 लाख 90000 लोगों ने आवेदन दिया था. जांच के बाद उन लोगों को सूची से बाहर भी किया जाएगा, जो पूरी प्रक्रिया में फिट नहीं बैठेंगे. बिहार सरकार की ओर से प्रधानमंत्री आवास योजना को लेकर दिशा-निर्देश भी जारी किया गया है.ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार ने मीडिया से बातचीत में महत्वपूर्ण जानकारी दी है. इस सवाल पर कि सर्वे में कितने लोग प्रधानमंत्री आवास के लिए दावेदारी कर रहे हैं? श्रवण कुमार ने कहा कि एक करोड़ चार लाख 90000 लोग हैं. उनका सत्यापन हो रहा है. कई कसौटियों पर आवेदनकर्ताओं को कसा जा रहा है, जहां लोग रहते थे, पहले उसका फोटो लोड होगा और फिर जहां बनाना चाहते हैं वहां का फोटो लोड होगा. पुरानी और नयी दोनों जगह की जांच होगी.मंत्री श्रवण कुमार ने कहा कि पुरानी जो सूची थी, वह तो समाप्त हो गयी है. 2018 में हमलोग उन्हें 30 लाख प्रधानमंत्री आवास की सूची भेजी थी, जिसमें से 5 लाख फर्जी निकले और 25 लाख में भी कुछ खामियां थीं, लेकिन उस सूची में सभी को प्रधानमंत्री आवास के लिए स्वीकृति दे दी गई है. नई सूची तैयार करने को लेकर मंत्री श्रवण कुमार ने कहा कि हां अब नई सूची तैयार होगी. आवास ऐप पर एक करोड़ चार लाख 90000 की नई सूची भेजी गई है और अब उसपर एक्सरसाइज हो रहा है. उसकी जांच पड़ताल हो रही है. भारत सरकार जो लक्ष्य देगी, उससे पहले हम लोग त्रिस्तरीय जांच पड़ताल कर रहे हैं. जांच पड़ताल के बाद जैसे ही लक्ष्य मिलेगा, आवेदक के खाते में राशि चली जाएगी.मंत्री श्रवण कुमार ने कहा बजट में तो मिलना ही मिलना है. सभी राज्य को मिलेगा तो बिहार को भी मिलेगा और वित्तीय वर्ष 2025-26 में तो बिहार को सबसे ज्यादा प्रधानमंत्री आवास का लक्ष्य मिला है.

केंद्र से 12 लाख 10 हजार मिला. इतना लक्ष्य किसी राज्य को नहीं मिला है. उन्होंने कहा कि इससे पहले भी बिहार को 11 लाख से अधिक का लक्ष्य केंद्र सरकार की तरफ से मिल चुका है. चुनाव से पहले हमलोगों का जो भी लक्ष्य था, वह पूरा मिल चुका है. बैकलॉग अब समाप्त हो चुका है.मंत्री श्रवण कुमार ने कहा कि निश्चित रूप से दिखेगा. प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बेघर लोगों को घर मुहैया कराने से लोगों में हम लोगों के प्रति विश्वास और बढ़ेगा.प्रधानमंत्री आवास योजना के चयन के लिए दिशा निर्देश भी जारी किया गया है. मंत्री श्रवण कुमार बताते हैं कि 11 पॉइंट हैं, उसी के तहत प्रधानमंत्री आवास के लिए बेघरों का चयन किया जाता है. आर्थिक रूप से कमजोर गरीबों को इस योजना का लाभ दिया जाता है.आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS), निम्न आय वर्ग (LIG) या मध्यम आय वर्ग (MIG) से संबंधित होना चाहिए.परिवार के किसी सदस्य के नाम पर भारत के किसी भी हिस्से में पक्का घर नहीं होना चाहिए.कोई अन्य सरकारी आवासीय योजना का लाभार्थी न हो.घर का मालिकाना हक महिला के नाम पर हो या संयुक्त रूप से हो (विधवाओं को प्राथमिकता).SC/ST, OBC, अल्पसंख्यक, विकलांग और ट्रांसजेंडर को वरीयता.पहचान के लिए आधार और बैंक खाते को लिंक करना ज़रूरी है।ग्रामीण विकास विभाग की ओर से नए निर्देश संयुक्त परिवार के लिए जारी किया गया है, जिसके आधार पर संयुक्त परिवार के लोगों को पीएम आवास योजना का लाभ दिया जाएगा, उसमें संयुक्त परिवार में कोई विवाहित व्यक्ति पक्के मकान में रहता है तो यदि कमरा उपलब्ध नहीं है तो वह प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण का लाभ लेने के लिए योग्य माना जाएगा. यदि किसी पक्के मकान में दो ही कमरे हैं और उसमें तीन भाइयों का परिवार रहता है तो उनमें से एक को इस योजना का लाभ दिया जा सकेगा.बिहार में ग्रामीण विकास विभाग ने 2025 में प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए आवेदन मांगा था और उसके तहत एक करोड़ चार लाख से अधिक लोगों ने पीएम आवास के लिए आवेदन दिया. ग्रामीण विकास विभाग ने उसका सर्वेक्षण भी करवाया है और अब सत्यापन का काम हो रहा है, जो 15 जनवरी तक चलेगा. लेकिन कई जिलों में सत्यापन का कार्य काफी धीमी गति से चल रहा है.
बिहार में वित्तीय वर्ष 2024- 25 और 2025 -26 को मिलाकर 12 लाख ₹20000 परिवार को पक्का मकान के लिए राशि दी जानी है. इनमें से अब तक 253000 परिवारों के आवास निर्माण को पूर्ण किया जा चुका है।
