हर महीने ₹10,000 बचाइए!15 साल में बनेंगे ₹32 लाख?
अगर आप हर महीने ₹10,000 बचाकर लंबे समय में बड़ा फंड बनाना चाहते हैं, तो पोस्ट ऑफिस की रिकरिंग डिपॉजिट (RD) और पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) आपके लिए दो ऑप्शन हो सकते हैं. दोनों ही सरकार की छोटी बचत योजनाएं हैं. हालांकि, इनकी ब्याज दर, निवेश का समय और टैक्स के नियम अलग-अलग हैं.अक्टूबर से दिसंबर 2026 की तिमाही के लिए पोस्ट ऑफिस RD पर 6.7% सालाना ब्याज मिल रहा है. वहीं, PPF पर सालाना 7.1% ब्याज दिया जा रहा है. RD में ब्याज हर तीन महीने में कंपाउंडिंग आधार पर जुड़ता है, जबकि PPF में सालाना कंपाउंडिंग ब्याज मिलता है. सवाल ये है कि अगर आपको निवेश करना है तो कौन सी योजना में फायदे का सौदा रहेगी?मान लीजिए कि आप दोनों योजनाओं में हर महीने ₹10,000 जमा करते हैं. इस तरह आप साल में ₹1.20 लाख और 15 साल में कुल ₹18 लाख का निवेश करेंगे.

दिए गए अनुमान के मुताबिक, अगर ब्याज दरें पूरे समय एक जैसी बनी रहती हैं, तो दोनों योजनाओं में मिलने वाली रकम इस प्रकार हो सकती है.हर महीने निवेश ₹10,000 ₹10,000सालाना निवेश ₹1.20 लाख ₹1.20 लाखअनुमानित सालाना ब्याज दर 6.7% 7.1%निवेश की अवधि 15 साल का लक्ष्य 15 सालकुल निवेश ₹18 लाख ₹18 लाखअनुमानित कुल फंड ₹24.22 लाख ₹32.55 लाखअनुमानित ब्याज से कमाई ₹6.22 लाख ₹14.55 लाखइस तुलना में PPF के जरिए करीब ₹32.55 लाख का फंड बन सकता है, जबकि RD में करीब ₹24.22 लाख मिलने का अनुमान है. यानी समान मासिक निवेश के बावजूद PPF में लगभग ₹8.32 लाख ज्यादा फंड बन सकता है. हालांकि, यह अंतर तय नहीं है. छोटी बचत योजनाओं की ब्याज दरें की समय-समय पर बदलती हैं. इसलिए आज मिलने वाली ब्याज दर को अगले 15 साल के लिए पक्का नहीं माना जा सकता.PPF उन लोगों के लिए उपयोगी विकल्प हो सकता है जो रिटायरमेंट, बच्चों की पढ़ाई या भविष्य के दूसरे बड़े खर्चों के लिए लंबे समय में पैसा जमा करना चाहते हैं. इस योजना की एक खास बात यह है कि इसके नियमों के तहत मिलने वाला ब्याज और मैच्योरिटी की रकम टैक्स-फ्री होती है. पुराने टैक्स सिस्टम में पात्र निवेश पर आयकर कानून की धारा 80C के तहत टैक्स छूट भी मिल सकती है. PPF में एक वित्त वर्ष के दौरान अधिकतम ₹1.5 लाख जमा किए जा सकते हैं. ऐसे में हर महीने ₹10,000 जमा करने पर सालाना निवेश ₹1.20 लाख होगा, जो तय सीमा के भीतर है. हालांकि, PPF में पैसा लंबे समय के लिए जमा होता है. इसलिए निवेश करने से पहले निकासी और समय से पहले पैसा निकालने से जुड़े नियमों को समझना जरूरी है.पोस्ट ऑफिस RD उन लोगों के लिए उपयोगी हो सकती है जो हर महीने एक तय रकम जमा करके बचत की आदत बनाना चाहते हैं. इसमें शुरुआत में 5 साल के लिए निवेश किया जाता है. मौजूदा नियमों के तहत इसे आगे 5 साल तक बढ़ाया जा सकता है. लेकिन अगर आपका लक्ष्य 15 साल में बड़ा फंड बनाना है, तो RD का समय और मैच्योरिटी के बाद मिलने वाली रकम को दोबारा निवेश करने की योजना पहले से बनानी होगी. दोबारा निवेश पर मिलने वाला ब्याज उस समय लागू दरों और योजना की शर्तों पर निर्भर करेगा. RD चुनने से पहले मिलने वाले ब्याज पर टैक्स, पैसे निकालने के नियम और मैच्योरिटी के बाद निवेश के विकल्पों की भी तुलना करें.अगर आप लंबे समय के लिए पैसा जमा करना चाहते हैं और टैक्स से जुड़े फायदे भी चाहते हैं, तो PPF एक अच्छा विकल्प हो सकता है. वहीं, अगर आप नियमित मासिक बचत करना चाहते हैं और शुरुआती तौर पर 5 साल की अवधि रखना चाहते हैं, तो पोस्ट ऑफिस RD पर विचार कर सकते हैं. लेकिन सबसे जरूरी बात निवेश का फैसला करने से पहले अपनी जरूरत, पैसे की उपलब्धता, टैक्स की स्थिति और निवेश की अवधि को ध्यान में रखें. केवल मौजूदा ब्याज दर देखकर फैसला न करें, क्योंकि भविष्य में दरें बदल सकती हैं.
