बांग्लादेश में अलकायदा के बढ़ते कदम,हिंदुओं के लिए खतरा की घंटी
बांग्लादेश में हिंदुओं पर अत्याचार की कई खबरें सामने आई हैं. इस बीच ढाका में हिंदुओं को धमकी देने की खबर सामने् आ रही है. भारत विरोधी उकसावे और कट्टरपंथी गतिविधियों के लिए चर्चित बांग्लादेशी देवबंदी मौलवी और आतंकी नेता हारून इजहार ने एक बार फिर विवादास्पद बयान देकर हलचल मचा दी है. रिपोर्ट के मुताबिक चटगांव में एक रैली के दौरान बांग्लादेशी नेता हारुन इजहार ने हिंदुओं के खिलाफ खुलेआम धमकी दी है. हारुन इजहार अल-कायदा से जुड़े बताए जा रहा हैं.जानकारी के मुताबिक दावा मूवमेंट के कार्यक्रम में हारुन इजहार ने कथित तौर पर कहा कि हिंदुओं को आसानी से मारा जा सकता है.

इसके साथ ही उसने यह भी कहा कि उसे खुद कुछ करने की जरूरत नहीं पड़ेगी, क्योंकि उसके लोग ही इसके लिए काफी हैं. हारुन इजहार के इस कथित बयान को लेकर बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं. बयान का वीडियो सामने आने के बाद चिंता बढ़ गई है. हिंदुओं के खिलाफ कथित धमकी ने बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों की सुरक्षा पर फिर सवाल खड़े कर दिए हैं.अभी कुछ दिन पहले संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) की मॉनिटरिंग टीम की रिपोर्ट में भी बांग्लादेश में अलकायदा के बढ़ते कदम और कट्टरवाद को लेकर चिंता जताई गई थी. रिपोर्ट के अनुसार AQIS एक बिखरे हुए संगठन से बदलकर एक बड़े क्षेत्रीय आतंकवादी नेटवर्क के रूप में उभर रहा है. आतंकवादी बड़े दस्तों की बजाय छोटी और छिपी हुई इकाइयों के जरिए सक्रिय होने की कोशिश कर रहे हैं.कट्टरपंथी इस्लामी समूह हेफाजत-ए-इस्लाम से जुड़े एक वरिष्ठ व्यक्ति और धर्मगुरु मुफ्ती इजहारुल इस्लाम के बेटे मुफ्ती हारून बिन इजहार, जिन्हें हारून इजहार के नाम से भी जाना जाता है, एक बार फिर वो गंभीर क्षेत्रीय सुरक्षा चिंताओं के केंद्र में आ गए हैं. उनकी हालिया गतिविधियों ने भारत, बांग्लादेश और दक्षिण एशिया में चरमपंथी नेटवर्क की निगरानी करने वाले अन्य देशों की खुफिया एजेंसियों का ध्यान आकर्षित किया है. वो कई बार अपने बयानों को लेकर सुर्खियों में रहे हैं.इधर बांग्लादेश में अल-कायदा से जुड़े तत्वों की कथित गतिविधियों और वहां आतंकवाद के बढ़ते खतरे को लेकर भारत ने चिंता जाहिर की है. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि आतंकवाद और सुरक्षा से जुड़े मुद्दे सभी देशों के लिए चिंता का विषय हैं. उन्होंने कहा कि इस चुनौती से मिलकर निपटने की जरूरत है.एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की हालिया मॉनिटरिंग कमेटी की रिपोर्ट का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि रिपोर्ट में अल-कायदा से जुड़े लोगों और उनकी गतिविधियों को लेकर चिंता जाहिर की गई है. रिपोर्ट में लाल किले के पास हुए आतंकी हमले से जुड़े समूह के पीछे बताए जा रहे लोगों का भी जिक्र किया गया है. जायसवाल ने रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि इसमें उन लोगों का विशेष रूप से जिक्र किया गया है, जो ‘रेड-4’ आतंकी हमले से जुड़े बताए गए हैं. भारत का कहना है कि आतंकवाद के खतरे से निपटने के लिए क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सभी देशों के बीच सहयोग जरूरी है.
