जेडीयू राष्ट्रीय परिषद की बैठक में निशांत के नाम पर लगेगा मुहर!ये बड़े पद के लिए बनेगी सबकी सहमति
मुख्यमंत्री के बेटे निशांत कुमार 8 मार्च को जनता दल यूनाइटेड में शामिल हुए थे. नेताओं और कार्यकर्ताओं ने निशांत की ग्रैंड एंट्री कराई थी. अभी एक महीना भी जेडीयू में शामिल हुए नहीं हुआ है लेकिन निशांत ने पार्टी की कमान एक तरह से अपने हाथ में ले ली है. एक तरफ पार्टी के बड़े नेता चाहे ललन सिंह हो या संजय झा हो, उनके दिशा निर्देश पर आगे कदम बढ़ा रहे हैं तो दूसरी तरफ विधायकों और पार्टी के विभिन्न प्रकोष्ठ के नेताओं से मिलकर फीडबैक ले रहे हैं. हालांकि निशांत को अभी पार्टी में कोई पद भी नहीं मिला है लेकिन उसके बावजूद पार्टी के वरिष्ठ नेता से लेकर आम कार्य कर्ता तक निशांत से मिलना चाहते हैं. पिछले दो सप्ताह में निशांत ने जिस प्रकार से गतिविधियां दिखाई है, पार्टी के बड़े नेताओं में भी उम्मीद जगी है. 8 मार्च को संजय झा, ललन सिंह और बिजेंद्र यादव सहित वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में जेडीयू में शामिल हुए थे.निशांत कुमार ने 10 मार्च को जेडीयू नेताओं से मुलाकात की. 12 मार्च को जेडीयू कार्यालय में कार्यकर्ताओं से मिले. 12 मार्च को विधायकों की टीम के साथ वह कल्याण बिगहा गए. 17 मार्च हज भवन में जेडीयू की इफ्तार पार्टी में मुख्य भूमिका में नजर आए.

18 मार्च मुख्यमंत्री आवास में इफ्तार पार्टी में भी मुख्य भूमिका में दिखे. 19 मार्च जीतनराम मांझी की इफ्तार पार्टी में हुए शामिल थे.20 मार्च पूर्व सांसद अरुण कुमार से निशांत की मुलाकात हुई. 21 मार्च ईद के मौके पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की जगह गांधी मैदान पहुंचे. वहीं, 21 मार्च को पार्टी के प्रवक्ताओं के साथ मुख्यमंत्री आवास में बैठक की. उसी दिन पूर्व अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री ललन सिंह से भी मुलाकात की.21 मार्च को शाम में पार्टी के सभी राष्ट्रीय और प्रदेश प्रवक्ताओं के साथ निशांत ने मुख्यमंत्री आवास में बैठक की थी. इसकी खूब चर्चा हो रही है. बैठक में कुछ देर के लिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी पहुंचे थे. प्रवक्ता मधुरेंद्र पांडे कहते हैं, ‘निशांत पार्टी और बिहार की राजनीति की अच्छी जानकारी रखते हैं. बात भी समझदारी से करते हैं और चीजों को गंभीरता से लेते हैं.’निशांत ने जेडीयू में आने से पहले भी संजय झा के आवास पर पार्टी के वरिष्ठ नेताओं और युवा विधायकों के साथ बैठक की थी. खास रणनीति के तहत वह जेडीयू में शामिल हुए. जेडीयू विधायकों के साथ लगातार उनकी बैठक चल रही है और हर दिन निशांत किसी न किसी कार्यक्रम में दिख रहे हैं. कई कार्यक्रमों में पहले जहां नीतीश कुमार जाते थे, अब निशांत जा रहे हैं.ईद के मौके पर नीतीश कुमार जहां इस बार टोपी नहीं पहने तो वहीं निशांत ने टोपी पहनकर मुस्लिम नेताओं के घर पर जाकर बधाई दी और सेवइयां भी खाई. जहां तेजस्वी यादव की ओर से इस बार इफ्तार का आयोजन भी नहीं किया गया और ईद के मौके पर कहीं दिखे नहीं लेकिन निशांत टोपी पहन कई जगह गए.मुस्लिम नेताओं में भी निशांत को लेकर एक नई उम्मीद जगी है क्योंकि पिछले कुछ चुनाव से मुस्लिम वोटर जेडीयू से नाराज है. मुस्लिम नेताओं को लगता है कि निशांत के आने से मुस्लिम वोटर एक बार फिर से जदयू के साथ आएगा. जनता दल यूनाइटेड के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने कहा है कि जल्द ही निशांत को लेकर फैसला लिया जाएगा, उन्हें बड़ी जिम्मेवारी पार्टी में दी जाएगी. चर्चा है कि राष्ट्रीय परिषद की बैठक में उनके नाम की घोषणा की जाएगी.जेडीयू नेता और मंत्री श्रवण कुमार भी मानते हैं कि निशांत आने वाले भविष्य में कुछ अच्छा करेंगे. वे कहते हैं, ‘निशांत बिहार का बेटा है, पढ़ा लिखा है, होनहार है, कुछ करना चाहता है.’ इस सवाल पर कि क्या जेडीयू की कमान संभालेंगे? हालांकि उन्होंने साफ-साफ तो नहीं बोला लेकिन इशारा साफ कर रहे हैं कि कुछ अच्छा करेंगे.जेडीयू में इसी महीने प्रदेश अध्यक्ष का चुनाव हो गया है. उमेश कुशवाहा तीसरी बार प्रदेश अध्यक्ष बने हैं, वहीं राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव की प्रक्रिया चल रही है. नीतीश कुमार के नाम से ही एक मात्र नॉमिनेशन किया गया है. ऐसे में उनका राष्ट्रीय अध्यक्ष बनना भी तय है. ऐसे में बड़ा सवाल है कि निशांत को अब कौन सी जिम्मेदारी पार्टी में दी जाएगी? इस पर खुलकर बोलने से प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा भी बच रहे हैं. हालांकि वह निशांत की जमकर तारीफ कर रहे हैं.”जल्द ही कमेटी की घोषणा होगी लेकिन पहले राष्ट्रीय परिषद की बैठक हो जाए. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अभी समृद्धि यात्रा में हैं. उनकी यात्रा समाप्ति के बाद उनसे समय लेकर राष्ट्रीय परिषद की बैठक होगी और हम लोग प्रदेश कमेटी का गठन करेंगे.”-बिहार में 5 सीटों पर हुए चुनाव में नीतीश कुमार राज्यसभा के लिए चुन लिए गए हैं. नीतीश कुमार मुख्यमंत्री की कुर्सी छोड़ेंगे. बिहार में मुख्यमंत्री की कुर्सी पर कोई नया चेहरा दिखेगा. हालांकि अब तक नाम की घोषणा नहीं हुई है. कई नाम पर कयास लगाए जा रहे हैं. सम्राट चौधरी, नित्यानंद राय की चर्चा सबसे अधिक हो रही है.निशांत को लेकर भी जेडीयू में अभियान चलाया जा रहा है कि उन्हें मुख्यमंत्री बनाया जाए. निशांत सरकार में महत्वपूर्ण भूमिका में होंगे यह तय है. संजय झा ने पहले ही इसके बारे में कहा है. ऐसे में निशांत सीएम नहीं बन पाए तो डिप्टी सीएम जरूर बनेंगे और पार्टी में भी बड़ी भूमिका निभाएंगे. राजनीतिक विशेषज्ञ प्रिय रंजन कहते हैं कि निशांत को संगठन और सरकार दोनों जगह अहम जिम्मेदारी मिल सकती है.निशांत जिस प्रकार से बैठक कर रहे हैं. एक तरफ से उन्होंने पार्टी की कमान अभी से संभाल लिया है. नीतीश कुमार भले ही राष्ट्रीय अध्यक्ष बन गए हैं, लेकिन आने वाले दिनों में राष्ट्रीय अध्यक्ष पद भी निशांत के पास चला जाएगा यह तय माना जा रहा है.
